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वैली ऑफ़ वर्डस उत्सव का वर्चुअल उदघाटन केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने किया, धर्मगुरू दलाई लामा का संदेश पढा गया।

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कपिल मलिक

मसूरी : तीन दिवसीय साहित्य एवं कला उत्सव वैली ऑफ वर्डस का शुभारंभ मसूरी के सवाॅय होटल से ऑन लाइन शुरू हो गया। इस मौके पर उत्सव के संयोजक डॉ. संजीव चोपड़ा ने उत्सव में वर्चुअल भाग ले रहे साहित्यकारों,कलाकारों का स्वागत किया बताया कि वैली ऑफ वर्डस का चैथा एडीशन है।

इस मौके पर माइंड रोलिंग मोनास्टरी के तिब्बती भिक्षु ने साक्य मुनि मंत्र के नाम से प्रसिद्व ओम मुनि, मुनि महामुनिये सोहा मंत्र का उच्चारण किया। इस मौके पर उत्सव शुभारंभ धर्मगुरू दलाई लामा के संदेश से किया गया। उनका संदेश तिब्बती प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांगे ने पढ़ा व इस साहित्य एवं कला उत्सव के आयोजन पर बधाई दी। संदेश में कहा गया कि यह उत्सव भारत की समृद्ध संस्कृति को बढवा देगा। वहं तिब्बत के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांगे ने कहा कि उत्तराखंड और तिब्बत का पारंपरिक संबंध रहा है उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौध व जैनियों के लिए पवित्र स्थान है्। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उत्सव का ऑनलाइन उदघाटन किया व बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार सभी शैलियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति का जश्न है। यह सच है कि मैं आप सभी को नहीं देख सकता, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं आपके साथ जुड़ने में सक्षम हो रहा हूं। उन्होंने कहा कि स्थापना के बाद, इसमें किताबें, लेखक, विचार, विचार, कविता, कठपुतली, फोटोग्राफी शामिल हैं, साथ ही दुनिया भर से भी साहित्यकार व कलाकार इसमें जुड रहे हैं और दुनिया भर में कई भाषाओं में भारतीयों द्वारा लिखे गए, लेख हमारे स्वयं को गंभीर रूप से देखने के हमारे दृष्टिकोण को भी आकार दिया है।  मुझे खुशी है कि शब्दों की घाटी एक-दूसरे के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अंतर-पीढ़ी के संवादों को प्रोत्साहित करती है, नई ऊंचाइयों को मापती है, नए जुनून की खोज करती है। उन्होंने कहा कि वैली आॅफ वर्डस फेस्टिवल तीन दिनों तक ऑनलाइन चलने वाला अपने प्रकार का पहला उत्सव है जो कि वर्चुअल होने के साथ साथ लाइव भी देखा जा सकता है। इससे अंग्रेजी हिंदी सहित क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य को नई दिशा व आयाम मिलेंगे। पहले दिन पहले सत्र में वैली ऑफ वर्डस फेस्टिवल में बुक अर्वाडस 2020 के लिए अंग्रेजी फिक्शन, अंगे्रजी नॉन फिक्सन, हिंदी फिक्शन, हिंदी नॉन फिक्शन पर विभिन्न साहित्यकारों की पुस्तकों पर चर्चा की जायेगी। दूसरे सत्र में देहरादून शहर व इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला जायेगा जिसमें कई विद्वान व साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। अगले सत्र में भारत नेपाल सीमा पर चर्चा की गई व सवालों के उत्तर दिए गये। इसके बाद के सत्र में सहयोगी क्षेत्रीय भाषाओं पर चर्चा की गई व उसके बाद प्राचीन मूल्य आधुनिक जीवन पर चर्चा की गई। उत्सव में माई इयर्स विद, ट्रायप्फ एंड ट्रेजडी का ऑनलाइन विमोचन किया गया। वहीं सवाॅय राइटर्स बार में पंजाब हिंसा की एक सदी पर चर्चा की गई। उत्सव के दौरान भारतीय राज्यों का मानचित्र पर चर्चा के साथ ही ट्रांसडेंट टाइड पर विद्वानों ने विचार रखे। इस सत्र में लेखक राज कंवर की डेटलाइन देहरादून, आलोक लाल की बाराबंकी नारकोस व मुकुल कुमार की कैथरैसिस पुस्तक का विमोचन किया गया वहीं कवियों ने ऑन लाइन कविता पाठ किया। उत्सव में सवाॅय पोस्ट ऑफिस द वैलिएंट डीओजी, आरएएस, उत्तरी सीमा इतिहास व प्रबंधन, द न्यू वल्र्ड आर्डर-ग्रेट गेम, प्रकाशन- वर्तमान काल, समय और अंनंत काल, के साथ ही फायर साइट चैट तिब्बत विद माय आईज क्लोज्ड पर भी चर्चा की गई।