Home अभी-अभी पं० दीनदयाल उपाध्याय एवं महात्मा गाँधी की कल्पना को मूर्त रूप देगी...

पं० दीनदयाल उपाध्याय एवं महात्मा गाँधी की कल्पना को मूर्त रूप देगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020।

12
0
SHARE

सुनील सिलवाल

देहरादून : पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं महात्मा गाँधी की भारत केंद्रित शिक्षा की परिकल्पना पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, जिसमें वैज्ञानिक पद्धति एवं भारतीयता का सम्मिश्रण है भारत को इक्कीसवीं सदी का नेतृत्व करने में सक्षम बनाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय भाषाओं, छात्रों के समग्र विकास को शिक्षा के केंद्र में रख कर आगे बढ़ने की बात की गई है, जो इन महापुरुषों के विचारों के अनुरूप है।

माई नेप विद्या भारती के प्रांतीय संयोजक उत्तराखंड मनोज रयाल ने बताया कि प. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितंबर से महात्मा गाँधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं को युवाओं एवं नागरिकों तक पहुँचाने के लिए माईनेप प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। विद्या भारती द्वारा कराए जा रहे माई नेप कार्यक्रम में  स्कूली छात्रों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों एवं नागरिकों के लिए तीन वर्गों एवं तेरह भाषाओं में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्या भारती आम जनमानस एवं भारत के शिक्षण समुदाय तक अभी तक के सबसे व्यापक परामर्श के बाद बनाई गई शिक्षा नीति के मुख्य बिंदुओं  को ले जाना चाहता है, जिससे कि इसे लागू करने में समूचे शिक्षण समुदाय की भागी दारी सुनिश्चित की जा सके। प्रतियोगिता में अभी तक ’7 लाख से ऊपर प्रतिभागी पंजीकरण’ करा चुके हैं। कार्यक्रम के उद्घाटन से लेकर अभी तक इसके अंतर्गत कई सेमिनार एवं ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा चुका है। कार्यक्रमों में राज्यों के शिक्षा मंत्री एवं अकादमिक जगत के प्रबुद्ध सदस्य जिनमें एनएएसी एवं एआईसीटीई के निर्देशक भी भागीदारी कर चुके हैं। आने वाले दिनों में कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी अपने विचार शिक्षण समुदाय से साझा करेंगी। विद्या भारती के उत्तराखंड के प्रांतीय संयोजक मनोज रयाल ने कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद भारत की आवाज पर, भारत की जरूरतों एवं परंपराओं को केंद्र में रखकर बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने के लिए जरूरी शिक्षा के संदर्भ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं महात्मा गाँधी के विचारों के अनुरूप है। विद्या भारती आगामी 2 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के माध्यम से इस नीति के संदर्भ में जनमानस को जागरूक करते हुए उनसे इसके प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करती है।