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मजदूरों के नाम अंकित आवास उपलब्ध न कराये गये तो एसडीएम कार्यालय पर धरना देंगे।

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कपिल मलिक

मसूरी : तीन महींने बाद भी आवास उपलब्ध न करने पर आका्रेशित शिफनकोर्ट से हटाए गए मजदूर अब एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना व भूख हड़ताल करेंगे। साथ ही उन्होंने उपजिलाधिकारी मसूरी को ज्ञापन देकर आई.डी.एच.बिल्डिंग में अपने नाम से अंकित कमरों को सात दिन के भीतर आवंटित करने की मांग की है।

अनुसूचित जाति व निर्बल वर्ग शिफनकोर्ट के इन मजदूरों ने मसूरी प्रशासन व नगर पालिका पर स्वयं की भारी उपेक्षा व वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मसूरी प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन आई.डी.एच. बिल्डिंग लंढ़ौर में उनके नाम नामांकित कमरों को भी उनके हवाले नहीं कर रहा है। नगर पालिका और प्रशासन की इस उपेक्षा के खिलाफ हवाघर पर रह रहे मजदूर अब अपने परिवारों समेत 26 नवम्बर से एसडीएम मसूरी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना व भूख हड़ताल पर बैठने को विवश हैं। मजदूरों का कहना है कि उपजिलाधिकारी का दायित्व सभी को न्याय देना है और न्याय की मांग को लेकर ही वे एसडीएम मसूरी कार्यालय पर धरना देंगे। बेघर मजदूरों का कहना है कि कोई उनकी सुध नहीं ले रहा है ऐसे में पीड़ित मजदूरों ने एक बार फिर सड़क पर आन्दोलन शूरू करने का मन बना लिया है। शिफनकोर्ट वासी उपजिलाधिकारी कार्यालय में तब तक धरना देंगे जब तक उन्हें आवास नहीं मिल जाते व जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल शूरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि रोपवे प्रोजेक्ट योजना के तहत गत 24 अगस्त को उन्हें उनके निवास स्थल शिफनकोर्ट से प्रशासन द्वारा जबरन हटा दिया  गया था तथा मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया था कि 10 दिन के भीतर आवास उपलब्ध करा दिए जायेंगे मगर आज तीन महीनें बाद भी आवास नहीं दिए गए हैं। तब से तमाम परिवार बच्चों व वृद्व समेत किताबघर बस अड्डे पर हवाघर में कड़ाके की ठंड और भारी कष्ट मे रहने को बहुत लाचार हैं। तीन महीनें से परिवार संग हवाघर पर रह रहे संजय टम्टा ने कहा कि माँ-बहिनों और बच्चों संग वे किस प्रकार बिना दरवाजे के हवाघर पर रह रहे होंगे व तीन महीनें से बच्चे कैसे पढ़ाई कर रहे होंगे, किस कठिनाई से रह रहे होंगे समझा जा सकता है। मसूरी नगर पालिका समेत शासन प्रशासन जो व्यवहार उनके साथ कर रहा है वह तो जानवरों के साथ भी नहीं होना चाहिए। हम अनुसूचित जाति और गरीब वर्ग के मजदूरों को आवास देने के नाम पर बार बार आश्वासन देकर छला गया है। लेकिन अब हमारी सहनशक्ति टूट चुकी है।   हवाघर पर रह रहे बृजमोहन ने कहा कि हम में से अनेक वे लोग हैं जिनके नाम आई.डी.एच. बिल्डिंग लंढ़ौर की सूची में अंकित हैं। मगर न जाने प्रशासन और नगर पालिका मसूरी हमें हमारे आवास न देकर हमें सड़क पर छोड़े हुए है दो सूत्रीय ज्ञापन में माॅग की गई है कि आई.डी.एच. बिल्डिंग लंढ़ौर में बने आवासों की सूची में शिफनकोर्ट के जिन मजदूरों के नाम हैं उन्हें एक सप्ताह के अंदर कमरे सौंपे दिए जांय तथा आवास पूरे न बन पाने के कारण जिन मजदूरों के नाम आई.डी.एच. बिल्डिंग की सूची में अभी दर्ज नहीं हो पाये हैं उन्हें प्रस्तावित आवास बनने तक किंक्रेग में पालिका के गेस्ट हाउस आदि अन्य कमरों में शिफ्ट कर दिया जाय। ज्ञापन देने वालों में बृज मोहन, संजय कैंतुरा, रणजीत कण्डारी, मदन भट्ट, बुधा देवी, संजय टम्टा, सम्पति लाल, जयवीर सिंह, बल बहादुर, मन्जीत सिंह शामिल थे।