April 19, 2021
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मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता और मातृशक्ति से मांगे माफ़ी – किशोर

बिजेंद्र पुंडीर

मसूरी : प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के द्वारा महिला शिक्षक के साथ जनता दरबार में की गई अभद्रता की कड़े शब्दों में निंदा की व कहा कि महिलाओं के कारण उत्तराखंड जिंदा है, लेकिन मुख्यमंत्री के यहां जो हुआ यह राज्य पर कलंक है। अगर उनमें जरा भी नैतिकता है तो अपने कृत्य के लिए क्षमा मांगे तथा जितनी कार्रवाई की गयी उसे वापस लें अन्यथा राज्य में बड़ा आंदोलन किया जायेगा।

मसूरी निजी दौरे पर आये कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महिला शिक्षक अपनी समस्या को लेकर जनता दरबार में गई थी उसने क्या गुनाह किया था, लेकिन प्रदेश के मुखिया होने के नाते जो मुख्यमंत्री ने किया वह उचित नहीं था। उत्तराखंड मातृशक्ति का प्रदेश है उनका सम्मान करना सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री के पास किसी को हिरासत में लेने का अधिकार किसने दिया। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहाकि इस घटना से देवभूमि को पूरे देश में अपमानित होना पड़ा है। उनमें जरा भी महिलाओं के प्रति सम्मान है तो उन्हें क्षमा याचना करनी चाहिए। वहीं जो भी उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है उसे वापस लिया जाय अन्यथा पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जायेगा।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि राज्य जिस सपने को लेकर बनाया गया था उससे हम भटक गये आज खुद को अपराधी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 70 प्रतिशत वन है तथा वनों पर ही सभी आधारित हैं। इसलिए यहां के नागरिकों को वनवासी का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही वनों के हक हकूकों के साथ ही 10 प्रतिशत आरंक्षण केंद्र की सेवाओं मे दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वनों के हक हकूकों के लिए पहला आंदोलन 1930 में तिलाड़ी में किया गया था। क्यों कि यहां चूल्हा भी वनों से लाई लकड़ियों से जलता है इसलिए सरकार को प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह एक गैस का सिलेंडर देना चाहिए। 100 यूनिट बिजली निःशुल्क देनी चाहिए, वहीं युवा पीढ़ी को हक हकूकों के लिए आगे आना चाहिए ।अगर सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो इसके लिए वृहद स्तर पर आंदोलन किया जायेगा।

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