April 14, 2021
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मालरोड पर अतिक्रमण बन रही गले की फांस।

कपिल मलिक

मसूरी : मालरोड पर अतिक्रमण नगर पालिका की फांस बनता जा रहा है। एक ओर पालिका अतिक्रमण हटाने की बात करती है वहीं दूसरी ओर अतिक्रमणकारियों को मालरोड पर तीन बाई तीन फीट के काउंटर बनाकर व्यवसाय बनाने का निर्देश जारी करती है। इससे मसूरी की मालरोड की और बची खुची गरिमा भी तार तार हो जायेगी।

मालरोड से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर पालिका समय समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती रहती है लेकिन विगत दिनों में अतिक्रमण कारियों को मालरोड से हटाया गया था जिस पर उनका सामान जब्त किया था। लेकिन बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रभारी निरीक्षक एवं पालिका के अधिशासी अधिकारी एवं अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें निर्णय लिया गया कि मालरोड पर वैंडर्स अंबेडकर चैक से वसीम जूस कार्नर तक 3 बाई तीन फीट के काउंटर बनाकर व्यवसाय करने की अनुमति दी है और इसके लिए पालिका अतिक्रमण प्रभारी नगर अभियंता एवं सफाई निरीक्षक विरेंद्र बिष्ट को पालिका अधिशासी अधिकारी एमएल शाह ने निर्देश दिए कि उक्त स्थान का निर्धारण एवं चिन्हींकरण कर आईडी व टोकन जारी किए जाने एवं निर्णयानुसार आवश्यक कार्रवाई करें।

आश्चर्य की बात है कि मसूरी की शान मालरोड की दुर्दुशा के लिए स्थानीय नेताओं के साथ ही पालिका व नगर प्रशासन भी दोषी है। आश्चर्य की बात है कि एक ओर पालिका मालरोड से अतिक्रमण हटाने की बात करती है वहीं दूसरी ओर इस तरह के आदेश देकर आखिर किस तरह की कार्रवाई करना चाहती है। इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि मालरोड से अतिक्रमण पूरी तरह हटना चाहिए व जो लोग मालरोड पर बैठ रहे हैं उनके लिए वैंडर जोन बनाया जाना चाहिए ताकि वे अपनी रोजी रोटी चला सकें। वहीं दूसरी ओर मालरोड को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पहले भी कई लोग हाई कोर्ट गये हैं।

पहाड़ों की रानी मसूरी की माल रोड से अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ लोग वर्ष 2005 में हाईकोर्ट गये थे जिसमें केस नंबर 1182/2005 के तहत हाईकोर्ट मे तत्कालीन न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल ने सुनवाई की थी जिसमें पालिका ने एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का भरोसा दिया था व उसके बाद शपथ पत्र दिया था कि अतिक्रमण हटालिया गया है। उस दौरान मसूरी में 170 अतिक्रमण चिन्हित किए गये थे उसके बाद वर्ष 2010 में उसी केश को रिव्यू किया गया वहीं अन्य याचिकाएं भी आई जिन्हें कोर्ट ने एक में ही समाहित कर दिया। तब भी पालिका ने शपथ पत्र दिया व हाईकोर्ट ने कहा कि प्रापर चेनल से कोर्ट में आयें। अब पुनः एक बार फिर हाई कोर्ट में शहर के लोग जा रहे हैं। अब देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई अमल में आती है।

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