April 17, 2021
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पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी 5 लाख की आर्थिक सहायता

जय प्रकाश बहुगुणा

उत्तरकाशी : उत्तराखंड सरकार में काबीना मंत्री यशपाल आर्य पहुचे पीड़ित परिवार के घर ,बच्ची के माता पिता और परिजनो के साथ बैठकर घटना को सुना बारीकी से,विघायक गंगोत्री गोपाल सिंह रावत भी रहे साथ।जैसा कि हम जानते है कि 17 अगस्त की मध्य रात्रि को हिटाणु धनारी के समीप एक गरीब परिवार गर्मी से राहत के लिए मकान की खुली छत के नीचे सो रहे थे कि रात में अपने माँ बाप के साथ सोई हुई लगभग 12 वर्षीय नाबालिग गूंगी बहरी बच्ची को उठाकर काफी दूर ले जाकर पहले सामूहिक बलात्कार किया और फिर निर्मम हत्या की गई।अपराध की निर्ममता को लेकर जिन भी शब्दों में की जाय वो शायद कम पड़ जायेंगे।आप कल्पना कीजिए कि 12 वर्ष की अबोध बच्ची के जिस्म पर एक नर पिशाचों की विकृत मानसिकता ने कामुकता वहसिपन ने क्या हासिल किया होगा।वलात्कार के बाद जीवन को समाप्त करने के लिए बच्ची के शरीर के साथ जो कुछ किया गया वह् दृन्दिगी के सभी हदों को पार करने का एक नया प्रयासः है,नाबालिग ,अबोध,बेजुबान बच्ची आज हमसब के बीच नहीं है,किन्तु वह् हमारे बीच कई सवाल छोड़ गईं, हम सब को इस पर विचार करने की आवश्यकता है,क्या अपराधियों का यह वहशीपन एक दो दिन या एक दो साल में हुए बदलाव का परिणाम है,या जनता और जनप्रतिनिधि ऐसे मौकों पर इसका नेता उसका नेता, उनकी सरकार मेरी सरकार,इसकी जिन्दावाद उसकी मुर्दावाद के नारे लगाने तक सीमित होकर रह जाएंगे।नही हम सब को इससे पार जाना होगा,और ऐसी मानसिकता पनपने के पीछे के कारणों को ढूंढकर उन्हें दूर करने के सामूहिक प्रयासः करने होंगे,लेकिन कई लोग जिन्हें अनेक मौकों पर जनता ने नकार दिया हो,वे पूरे प्रकरण को अपने लिए संजीवनी मान बैठे और घिनोनी राजनीती करने उतर पड़े,शव के साथ उस पीड़ित परिवार के परिजानों की चिंता किये बगैर लाश पर राजनीती करने लगे,क्या आप सब बताहेंगे की आखिर किसी शव को कितने दिन तक ये कहकर अंतिम संस्कार नही होने देने की मांग जायज है कि जबतक अपराधी नही मिलेंगे अंतिम संस्कार नही होने देंगे,कौन होगा उस हुजूम में जो बच्ची के साथ हुए इस अमानवीय कृत पर अंदर से न पसीजा होगा शायद कोई नही लेकिन कुछ लोग राजनितिक नफा नुकसान के आधार पर लाश की राजनीती पर उतर आये,राजमार्ग जाम कर देने,कुछ दुकानों को फूँक देने ,कुछ की पिटाई कर देने से समस्या बढ़ेगी ही न कि हम सब जो चाहते है कि जल्द से जल्द मुल्जिम पकडे जाय और उन्हें कानून के द्वारा कड़ी से कड़ी सजा मिले।महाविद्यालय में चुनाव का माहौल है,इसलिए छात्र गट भी पूरी राजनीति करते नजर आये। जबकि वही प्रदेश में सत्ता धारी बीजोपी सरकार के सभी नेता घटना की सूचना मिलते ही हरकत में आ गई,स्थानीय विधायक सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुच गए थे ,स्थिति को देखकर जो भी संभव था माननीय मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बात करके पुरे प्रकरण की जांच के लिए एक्सपर्ट पुलिस अधिकारी से जाँच की मांग की और इसी के फलस्वरूप प्रदेश के आई जी श्री संजय कुमार गुंज्याल तथा डी आई जी घटना की जानकारी मिलते ही तुरन्त घटना स्थल पर पहुच गए,और पूरे प्रकरण को अपने हाथ में लेकर जांच आरम्भ कर दी ।कल मंत्री महोदय से पुलिस ने स्पष्ट कहा कि जांच अपने अंतिम चरण पर पहुच गई है और अपराधी की शिनाख्त हो चुकी है,कुछ अंतिम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अपराधी को कानून के हवाले कर दिया जायेगा।अपने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात पर मंत्री जी एवं विधायक गोपाल रावत जी ने घटना स्थल से ही माननीय मुख्यमंत्री जी से दूरभाष पर वार्ता करके पीड़ित परिवार की दयनीय आर्थिकी को देखते हुए तत्काल मदद की गुजारिश की जिसपर श्री त्रिवेंद्र रावत जी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से रूपये 5 लाख देने की मंजूरी प्रदान कर दी।अन्य सहायता जो भी विधि द्वारा संभव है वह् इस राशि से अलग होगी।अंत में मेरा समाज के हर तबके हर बर्ग और हर मत तथा पन्थ को मानने वालों से एक गुजासिश है कि अपराध करने वाला केवल अपराधी है उसका न तो कोई जाति होती है और नही ही कोई मजहब,लेकिन सजा केवल गुनाहगार को ही होनी चाहिए न कि किसी बेगुन्ह्गार को,क्योंकि न्याय कहता कि साक्ष्य के आभाव में 100 गुनाहगार छूट सकते है लेकिन एक बेगुन्ह्गार को सजा नही दी सकती,अपराधियों को तुरंत फांसी देने की मांग करने वालों को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि हमारे द्वारा बनाये जा रहे दवाव से पुलिस किसी निर्दोष को सजा न दे बैठे तब न तो बच्ची को न्याय मिल पायेगा और फ़िर न ही हम सभी अपने को माफ़ कर पाएंगे।पूर्व सरकार में जनप्रतिनिधि रहे नेता यह भी सुनिश्चित करे कि उनका कार्यकाल भी दागदार रहा है और अनेक बार निर्दोष लोग सजा पा गए लेकिन कुछ समय बाद अपराधी कोई और ही निकल गया तो क्या कोई उस निर्दोष के बीते दिन लोटा सकेगा।समाज का चौथा स्तंभ कहे जाने वाला मीडिया आज जब संचार क्रांति के युग में सभी पत्रकार हो गए तब ऐसी अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहने की ज्यादा आवश्यकता है कोई भी ऐसा समाचार सामजिक ताने बाने को तोड़ सकता है ,सामाजिक वातावरण बिगाड़ने वालों को बेनकाब करने की आवश्यकता है।

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