April 19, 2021
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उत्तराखंड देहरादून

डॉ. अमित यादव को आयुर्वेद में किया उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित

बिजेंद्र पुंडीर

मसूरी : डा.अमित यादव को आयुर्वेद चिकित्सा में उत्कृष्ट कार्य, आयुर्वेद के प्रति लोगों में विश्वास जगाने एवं शोध के लिए विधायक सहदेव पुंडीर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जिससे मसूरी में खुशी की लहर छा गई। व लोगों ने बधाई दी।

डा. अमित यादव विगत ने वर्षों तक मसूरी के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अपनी सेवाएं दी व यहां पर भी उन्होंने असाध्य रोगों को उपचार आयुर्वेद से किया जिस कारण मसूरी में भी उनके जाने से लोगों को निराशा हुई लेकिन उसके बाद भी वे लगातार हर रविवार को मसूरी आते हैं व लाइब्रेरी स्थित ए कुमार के यहां रोगियों का परीक्षण एवं उपचार करते है। डा. यादव को पुरस्कार मिलने पर मसूरी में भी खुशी की लहर व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने आयुर्वेंद के प्रति लोगों में विश्वास जगाया व कई असाध्य रोगों का उपचार कर जनता में अपनी पहचान बनायी। झाजरा के राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में उनके ही प्रयासों से उत्तराखंड को एक मात्र क्लीनिकल रजिस्टर्ड क्षर सूत्र सेंटर खोला गया है। जिसके लिए डा. अमित यादव ने सभी सहयोगियों स्टाफ के सहयोगियों का विशेष आभार व्यक्त किया व कहा कि बिना इनके सहयोग के यह संभव नहीं था, यह टीम वर्क का ही परिणाम है। डा. अमित यादव ने बताया कि झाजरा चिकित्सालय में उत्तराखंड स्टेट आयुष मिशन सोसायटी देहरादून ने हर्बल गार्डन की स्थापना भी की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद पुरानी चिकित्सा पद्यति है। और अब लोगों का भरोसा आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है जो अच्छी बात है। उन्होंने बताया कि यहां पंचकर्म एवं पाइल्स का उपचार क्षार सूत्र से किया जाता है यह पुरानी पद्यति है इसमें प्रयोग किए जाने वाले धागे को आयुर्वेदिक औषधियों से बनाया जाता है। इस विधि से बबासीर का उपचार करने पर दुबारा होने को आसार न के बराबर होते हैं जबकि एलोपैथिक विधि से आपरेशन करने से दुबारा होने के आसार होते हैं। इसमें खर्चा भी कम होता है जिस कारण गरीब आदमी  कम पैसे मंे उपचार करा सकता है। यहां पंचकर्म केरल की सभी विधियों पद्यतियों को अपनाया गया है। जिसमें शीरोधारा, नाड़ी श्वेत, कटी बस्ती जानू बस्ती घुटने के दर्द के लिए, अभ्यंग, के अलावा नई पद्यति अग्नि कर्म से भी उपचार किए जा रहे हैं। इसमें एक सलाख होती है जो पांच धातुओं से बनी होती है उसे गर्म किया जाता है व उससे दर्द के स्थान पर लगाया जाता है। वहीं जोंक से रक्त मोक्षण विधि द्वारा खून की गंदगी से होने वाले चर्मरोगों का उपचार किया जाता। इस मौके पर विधायक निधि से राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल झाजरा में आपरेशन थियेटर के लिए दो लाख रूपये दिए जिससे उपकरण उपलब्ध कराये गये।

 

 

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