April 20, 2021
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टिहरी क्षेत्र का अदभुत मेला देख कर आप भी रह जायेंगे दंग – देखें विडियो

बिजेंद्र पुंडीर

मसूरी : मसूरी के निकटवर्ती क्षेत्र जौनपुर की अगलाड़ नदी में विशिष्ठ संस्कृति का प्रतीक मौण मेला धूमधाम से आयोजित किया गया जिसमें हजारों ग्रामीणों ने अगलाड़ नदी में मछलियां पकड़ी। इस पारंपरिक मेले को देखने बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मसूरी से मात्र 27 किमी दूर अगलाड़ नदी में पारंपरिक मौण का मेला आयोजित किया गया। यह मेला मछलियों के मारने का होता है जो कि टिहरी रियासत के समय से आयोजित किया जाता है। इस बार मौण डालने की बारी सिलगांव की थी। जहां के लोगों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ मौण लेकर अगलाड़ नदी में पहुंचे व मौण कोट पर जाकर वहां टिमरू का पाउडर नदी में डालने के साथ ही हजारों लोग मछलियों को पकड़ने नदी में कूद पड़े। तथा देखते ही देखते करीब पांच किमी क्षेत्र में नदी में मछलियों को पकड़ने वाले ही नजर आ रहे थे। जैसे जैसे मौण पानी में बहता गया वैसे वैसे लोग भी पानी के साथ नीचे की ओर आते गये। और यह सिलसिल यमुना पुल तक चलता रहा। मौण मेले को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह नजर आया। पूरे मेले में करीब 500 किलों से भी अधिक मछलियां पकड़ी गई। मालूम हो कि मौण का मेला पूरे भारत में केवल यहीं पर होता है जो वर्ष में एक बार मछलियों को मारने के लिए होता है।

मौण टिमरू नाम की वनस्पति का पाउडर होता है तथा इसे जिस क्षेत्र की बारी होती है वहां के लोग टिमरू की छाल को सुखाने के बाद कूटते हैं और फिर पीसते हैं।इसे नदी में डालने से मछलियां बेहोश हो जाती हैं जिस कारण वह पकड़ में आ जाती है। और जो नहीं पकड़ी गई वह पुनः जीवित हो जाती है।

मौण मेला वर्ष में एक बार ही लगाया जाता है यह मेला पौराणिक है तथा इस मेले में तत्कालीन टिहरी महाराजा भी आते थे जिस कारण इसे राजमौण कहा जाता है। उस जमाने में पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए यह मेला आयोजित किया जाता था इसका कारण था कि लोग बार बार मछलियां न मारें साल में एक बार ही मारें ताकि उन्हें पनपने का मौका भी मिल सके। वहीं नदी में वर्ष भर जो गाद जमती है वह हजारों लोगों के नदी में कूदने से साफ हो जाती है जिससे नदी का पानी साफ हो जाता है तथा इससे मछलियों को स्वच्छ जल व आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है। मौण के दौरान सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलती है तथा लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ लोकनृत्य करते है।

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