April 21, 2021
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जंगल है तो जल है, जल है तो कल है- लोकेंद्र || जल सरंक्षण एवं संवर्द्धन अभियान उत्तरकाशी

जय प्रकाश बहुगुणा

उत्तरकाशी : जिलाधिकारी डा. आषीश चौहान एवं प्रदेष संयोजक गंगा विचार मंच लोकेन्द्र सिंह बिश्ट ने कलेक्ट्रेट परिसर से जल संवर्द्धन एवं सरंक्षण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जल संचय वाहन जनपद के विभिन्न ब्लाक एवं सीमान्त ब्लाक मोरी तक नुकड़ नाटक, गीत, भजनों से आमजन को जल सरंक्षण की महत्वता के बारे में जागरूक करेंगे। गौरतलब है कि यह अभियान 9 मई से 30 जून तक चलेगा। उत्तराखण्ड जल संरक्षण एवं संवर्द्धन अभियान में पानी संरक्षित करने के लिए आज कलेक्ट्रेट परिसर के प्रेक्षागृह में कार्यषाला का दीप प्रज्ज्वलित कर षुभांरभ किया गया। महाविद्यालय की डा. रीचा बधाणी, डा. ममतेष कुमारी,डा. कमल बिश्ट,ने जल संरक्षण को लेकर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।  कार्यषाला में जिलाधिकारी डा. आषीश चौहान ने संबोंधित करते हुए कहा कि पानी के संकट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। छोटे-छोटे प्रयासों से भी पानी का संरक्षण एवं संवर्द्धन किया जा सकता है, अपने रोजमर्रा के कार्यो में भी जल संचय कर सकते है।  जिलाधिकारी ने कहा कि वैज्ञानिक एवं नई तकनीक को भी सक्रिय करने की जरूरत है। जो पानी संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कारगर साबित हो सके।

विषिश्ट अतिथि प्रदेष संयोजक गंगा विचार मंच लोकेन्द्र सिंह बिष्ट ने अपने संबोंधन में कहा कि ‘‘जंगल है तो जल है,जल है तो कल है’’। उन्होंने कहा कि विष्व में 30 करोड़ लोगों को रोजाना पीने के पानी को लाने में तीन से चार घंटे लग जाते है और करीब दो अरब दस करोड़ लोगों के पास सुरक्षित पेयजल नहीं है तथा दुनिया में 160 मीलियन लोगों को गंदा पानी पीना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि करीब 844 मिलीयन लोगों के पास साधारण  पीने का पानी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में पीने के पानी की कमी हो रही है ।।प्राकृतिक सौन्द्रर्य से अभिप्रेत एवं हिमालय से लगा राज्य उत्तराखण्ड में पानी का संकट नही है।लेकिन भविश्य को देखते हुए हमें भी पानी का सरंक्षण एवं संवर्द्धन करने की जरूरत है। उन्होंने जानकारी दी कि दुनिया में 70 फीसदी ताजा पानी बर्फ एवं ग्लेषियर पिगलने से मिलता है। और 30 फीसदी पानी नदियों एवं अन्य जल स्त्रोत से मिलता है।   इस मौके पर ग्लेषियर लेडी षान्ति ठाकूर, प्रषिक्षु आईएएस नमामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, ने भी संबोंधित किया।

इस अवसर पर परियोजना निदेषक डीडी रतूड़ी, स्वजल लोकेन्द्र चौहान, सहायक निदेषक मत्स्य प्रमोद षुक्ला,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विरेन्द्र पुरी, मनोज कुमार, सुरेष नौटियाल, जिला सूचना विज्ञान अध्िकारी रणजीत सिंह चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी गोपाल सिंह मटूड़ा,सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल राणा सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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