April 14, 2021
Pradesh News24x7
  • Home
  • अभी-अभी
  • केदार बाबा के दर्शनों मात्र से मिलती है पापों से मुक्ति || आप भी करें दर्शन देखें विडियो.
अभी-अभी उत्तराखंड रुद्रप्रयाग संस्कृति और साहित्य

केदार बाबा के दर्शनों मात्र से मिलती है पापों से मुक्ति || आप भी करें दर्शन देखें विडियो.

बिजेंद्र पुंडीर

केदारनाथ : हिंदुओं के धार्मिक आस्था के सर्वोच्च धाम केदारनाथ का श्रावण मास के पवित्र माह में और भी महत्व बढ़ जाता है। देवों के देव महादेव के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है जब कि यहाँ की यात्रा कठिन व दुर्गम होने के बाद भी देश भर के हजारों लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं। बाबा केदार के दर्शन करने से जन्मजन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। केदारधाम की महत्ता  आदि काल से है जिसका प्रमाण पौराणिक कथाओं व धर्म शास्त्रों में मिलता है कि यहां पर पांडव भी कौरवों की हत्या के पास से मुक्ति के लिए केदार बाबा के दरबार में आये थे व उन्हें पापों से मुक्ति मिली थी।

मंदाकिनी नदी के किनारे समुद्र तल से लगभग 3584 मीटर की उंचाई पर बाबा केदार का भव्य मंदिर स्थापित है। जिसका निर्माण आदि शंकराचार्यने इस पावन भूमि पर किया था यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है जिसका जलाभिषेक गंगोत्री धाम से लाये गये पवित्र गंगाजल से किया जाता है। बाबा केदार के दर्शन के लिए गौरी कुंड से पैदल की जाती है। गौरी कुंड गर्म पानी का कुंड है जहां से स्नान कर यात्रा का शुभारंभ किया जाता है। बाबा केदार के दर्शन करने से जो आत्मिक शांति व अदभुत अनुभूति होती है। उसको शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया लेकिन बाबा का मंदिर यथा स्थान रहा जिसे बाबा की शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। जिस शिला ने मंदिर को बचाया उस शिला की भी पूजा अर्चना की जाने लगी है। इस घटना से बाबा भोले के प्रति लोगों की आस्था व विश्वास और बढ़ गया है। आपदा के बाद भले ही एक दो वर्ष तक परेशानी रही लेकिन केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के चलते यहां तेजी से विकास कार्य किए गये व नई केदारपुरी बनकर तैयार हो गई। अब ऐसा नहीं लगता कि कभी यहां प्राकृतिक आपदा आई हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदार बाबा के ऐसे भक्त के रूप में सामने आये जिन्होंने केदारपुरी का नक्शा ही बदल दिया। अब मंदिर के चारों ओर खुली जगह है तथा मार्ग का चैड़ी करण किया गया है। रहने की अच्छी व्यवस्थाएं है वहीं पैदल यात्रा मार्ग पर समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही अब हैली सेवाओं के चलने से पैदल न चल सकने वालों को भी बाबा के दर्शन हो रहे हैं। इस साल यात्रा ने विगत वर्षो के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। जो यात्री पैदल जाते है उन्हें अब थोड़ा लंबा मार्ग भले ही तय करना पड़ रहा है लेकिन नया मार्ग सुगम व सुविधाओं से युक्त है। वहीं चढ़ाई भी थोड़ा कम है वैसे भी भोले बाबा की कृपा से ऐसे ऐसे लोग पैदल धाम पर पहुंच रहे हैं जिन्होंने कभी पहाड़ देखा ही नहीं।यह उनकी शक्ति का ही परिणाम है। यहाँ पहुंचने पर सारी थकान दूर हो जाती है। तथा ऐसा लगाता है कि कोई अलौकिक शक्ति उनमें प्रवाहित हो रही है। केदार पुरी के पुनर्निर्माण में कर्नल अजय कोटियाल के सहयोग व साहस को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जिस केदार पुरी में यात्रा समाप्त होने व कपाट बंद होने पर वहां कोई नहीं रहता। वहां कर्नल कोटियाल ने अदम्य साहस का परिचय देकर चुनौती का स्वीकार किया व माइनस 20 डिग्री तापमान में भी निर्माण कार्य जारी रखे। वहीं इस काम में लगे श्रमिकों की भी सभी सुविधाओं का ध्यान रखा। ऐसा लगता है कि मानों बाबा भोले ने ही अजय कोटियाल को इस कार्य के लिए चुना हो। उनके अथक प्रयासों के साथ केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के कारण केदारपुरी फिर अपने मूल स्वरूप से नये स्वरूप में आ गई है।

Related posts

देहरादून-नई टिहरी-श्रीनगर-गौचर हैली सेवा का हुआ शुभारम्भ।

PradeshNews24x7.com

मुख्यमंत्री ने दिये गैरसैंण में स्थापित होने वाले सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश।

PradeshNews24x7.com

प्रदेश सरकार से पर्यटकों को मिली छूट, पर्यटन व्यवसायियों ने निर्णय का किया स्वागत।

PradeshNews24x7.com

Leave a Comment