April 14, 2021
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अवैध निर्माण तोड़ने वाली कंपनी ने लगाये छावनी परिषद के सीईओ पर गंभीर आरोप।

बिजेंद्र पुंडीर

मसूरी : यश इंटरप्राइजेज के निदेशक विशाल ने छावनी परिषद लंढौर के सीईओ व अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने छावनी स्थित डेहलिया बैंक को तोड़ने का अनुबंध किया व उन्होंने सारी व्यवस्थायें की लेकिन उसके बाद उन्होंने यह कार्य किसी दूसरे ठेकेदार को दे दिया जिसका कहीं भी पंजीकरण नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जब कार्य के बिलों का भुगतान करने को कहा तो मुझसे रिश्वत मांगी जिसे देने से इन्कार करने पर अब वे ब्लेकलिस्ट करने की धमकी दे रहे हैं।

यश इंटरप्राइजेज से निदेशक ने पत्रकार वार्ता कर छावनी के सीईओ व संविदा पर कार्य कर रहे कार्यालय अधीक्षक पर खुले आम रिश्वत लेने का आरोप लगाया व कहा कि उनसे मोटी रकम रिश्वत में मांगी गई जिस पर उन्हांेने इसकी लिखित शिकायत छावनी परिषद अध्यक्ष मेजर जनरल जेएस यादव को भी की लेकिन उन्होंने कोई भी उत्तर नहीं दिया वहीं कहा कि उन्होंने दिल्ली स्थित महानिदेशक छावनी सहित सेंट्रल कमांड को भी लिखित दे दिया है। उन्होंने आप बीती सुनाते हुए कहा कि जब उन्होंने छावनी परिषद स्थित डहेलिया बैंक तोड़ने का ठेका लिया था तो उन्होंने पंरे सुरक्षा के प्रबंध किए थे। तथा काम शीघ्र पूरा करने के लिए पोकलैंड मशीन भी लगाई जिस पर सीईओ को पुरस्कार भी मिला। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान सभी सुरक्षा प्रबंध किए गये थे व मौके पर मेडिकल सुविधा के साथ ही एंबुलेंस, चिकित्सक की तैनाती सभी श्रमिकों को श्रम कानून के तहत पंजीकरण व सत्यापन भी करवाया गया था। लेकिन जब काम पूरा होने को था तो इसी बीच संजय नारंग स्टे ले आया तो काम बंद किया लेकिन जब दुबारा शुरू किया गया तो पता चला कि किसी अन्य ठेकेदार से कार्य करवाया जा रहा है जिसका कोई पंजीकरण भी नहीं है और न अनुबंध है। उन्होंने कहा कि उस ठेकेदार के साथ काम करते हुए एक मजदूर मारा गया क्यों कि सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गये थे न ही कोई एबंलेंस व चिकित्सक मौके पर था अब उन्हें डर है कि कहीं सीईओ उन्हें इस मामले में प्रताड़ित न कर दे। व इस बहाने ब्लेक लिस्ट न कर दे। जिस नये ठेकेदार को काम  दिया गया वह उसका चहेता है उसे बिना अनुबंध के कार्य दिया गया न ही बोर्ड से पास कराया गया।उन्हें डर है कि कहीं उन पर फर्जी मुकदमा न दर्ज हो जाय। क्यों कि उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी है तथा सीईओ राजस्थान की मुख्यमंत्री का खास आदमी है। विशाल ने बताया कि उन्होंने छावनी परिषद में आरटीआई के माध्यम से भी जानकारी चाही लेकिन कोई जानकारी अभी तक नहीं दी गई जबकि एक माह से अधिक का समय हो गया है। उसके बाद जब उन्हें लगा कि यह पीछे पड़ गया है तो छावनी परिषद की ओर से उन खातों के चैक दिए गये जिसमे पैसा ही नहीं था। उन्होंने मांग की है  कि उनके कार्य का भुगतान किया जाय व जो कार्य शेष बचा है उसका कार्यादेश दिया जाय तथा इस प्रकरण की जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाय। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास सीईओ के बीच हुई बातों की रिकार्डिग भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि उनका लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है तथा आत्महत्या के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इस संबंध में छावनी के सीईओ जाकिर हुसैन ने कहा कि ये सभी आरोप निराधार व बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो भी एग्रीमेंट था वह पूरा हो गया व उनकी लगभग पूरी पेमेंट हो चुकी है। वह आगे काम करने के लिए दबाव बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छावनी कार्यालय में आकर पूरा विवरण देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को अगली छावनी परिषद की बैठक में उठाया जायेगा।

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