Home अभी-अभी स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में जीने को मजबूर हैं 80 गांव के...

स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में जीने को मजबूर हैं 80 गांव के ग्रामीण

99
0

देवेंद्र बेलवाल

टिहरी/धनौल्टी : सरकार भले ही आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य उपचार के लाख दावें करे ! लेकिन जमीनी हकिकत कुछ और ही बंया करती है। राजधानी से मात्र 65 किमी की दूरी पर स्थित धनोल्टी विधान सभा क्षेत्र के जौनपूर विकास खंड मुख्यालय थत्यूड में सीएससी की बदहाली सरकार के उचित स्वास्थ्य सेवाओं को आईना दिखाने का काम करती है।
बता दे कि जौनपूर विकासखंड थत्यूड के एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र करोडों की लागत से बने इस स्वास्थ्य केंन्द्र पर जौनपूर विकासखंड के तकरीबन 80 ग्राम पंचायतों के करीब 38 हजार लोगो के बेहतर स्वास्थ्य उपचार की जिम्मेदारी है। और इसी आॅकलन से इस अस्पताल का शुभारम्भ विकासखंड मुख्यालय में पीएसी से तब्दील कर सीएससी के रूप में किया गया था। लेकिन स्थिति यह है कि वर्तमान में विभाग की लचर व्यवस्थाओं के कारण आज अस्पताल ही खुद आईसीयू में है।
सरकार की अनदेखी के कारण थत्यूड का एक मात्र अस्पताल दम तोडता नजर आ रहा है। वही अस्पताल में 11 पद चिक्तिसकों के स्वीकृत है। लेकिन वर्तमान में इस अस्पातल मात्र दो डाक्टरों ही नियुक्त किये जबकि अस्पताल में एक्स-रे टैक्नीशियन व अल्ट्रासाउंड ना होने के कारण मशीनों पर जंग लग चुका है इनको देखने वाले कोई नही है जिस कारण 80 ग्राम पंचायतों के लोगो को हर छोटी बडी बिमारी या किसी भी दुर्घटना के समय सीधे देहरादून स्वास्थ्य उपचार के लिये भागना पडता है।
स्थानीय लोगों की माने तो थत्यूड सीएससी की अव्यवस्थाओं के कारण जहाॅ गरीब लोगो को स्वास्थ्य लाभ के लिये देहरादून जाना पडता है वहीं प्रस्व के दौरान महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पडता है। महिला चिक्तिसक ना होने से प्रत्येक डिलिवरी के लिये देहरादून ले जाना पडता है। वही उन्होने बताया कहा की चैकाने वाली बात तो यह है कि कागजो में अस्पताल में 8 डाॅक्टर्स कार्यरत है लेकिन इन 8 डाक्टरों ने कभी अस्पताल में आने की जयमत नहीं उठाई व अस्पताल की बदहाली का रोना लगातार लोग रोते आ रहे है लेकिन सरकार है कि सुनने को तैयार ही नही है।
क्षेत्रीय ग्रामीण महिपाल सिह रावत, रणवीर सिह नेगी, नवीन पंवार, फर्शराम कोठियाल. जगत सिह असवाल. सुरेन्द्र सिह रावत. सोबत सिह रावत का कहना है कि पूर्व में अस्पताल पीपीपी मोड में था लेकिन सुचारू संचालन ना होने के कारण जनता की माँग पर इसे सीएससी में इस वजह तब्दील किया गया था कि आम जनता को इसका फायदा मिल सके लेकिन इसके बाद भी अस्पताल की स्थिति बद से बदत्तर हो चुकी है । वही सरकार की अनदेखी के कारण लोगो में सरकार और जिला प्रषासन के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणो ने कहा कि जल्द अस्पताल की हालत का दुरस्त करने के साथ खाली पडे पदों को भरा नही जाता तो जनता सरकार के खिलाफ सडको पर उतर कर उग्र आंदोलन करने को वाध्य होगी।
अस्पताल में पदों की स्थिति….. कागजों के मुताविक
पद …………. कार्यरत………………रिक्त
चिक्तिसक 11 कार्यरत… 7… रिक्त 4
फार्मसिस्ट 0 2.. .कार्यरत 2 रिक्त 0
लैव टैक्निशियन 01… कार्यरत .0 रिक्त 1
एक्सरे टेक्निशियन 01..कार्यरत 0…. .रिक्त 1
नेत्र सहायक ………01….कार्यरत 01…..रिक्त 0
वरिष्ठ सहायक 01… कार्यरत 01……रिक्त 0
कनिष्ठ सहायक 01…..कार्यरत .0…..रिक्त01
वाहन चालक….01……कार्यरत 01 रिक्त 0
सफाई सेवक 02… कार्यरत 0 .. .रिक्त 02
ए एन एम .. 29….. कार्यरत19 रिक्त 10
स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र के प्रभारी उषा अरूण के द्वारा बताया गया कि
7 डॉक्टर्स में….
2 यहाँ कार्यरत
1 बौराड़ी से सम्बद्ध
1 लीव without pay
1 नैनबाग में भेजा है
1 लंबी मेडिकल छुट्टी,एक्सीडेंट
1 जॉइन करके गायब,कोई सूचना नही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here