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सोशल मीडिया को समाज सेवा का शसक्त माध्यम बना रहा है शिक्षकों का यह समूह

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जय प्रकाश बहुगुणा

उत्तरकाशी : वर्तमान दौर में जहां समाज मे शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर लोग तरह तरह की उंगलियां उठाते हैं, उन सबको शिक्षकों का एक समूह वो आईना दिखाने का काम कर रहा है, जिसके आधार पर पुरातन काल से ही गुरु को भगवान से बड़ा दरजा दिया गया है। कुछ शिक्षकों के समूह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभी तक ऐसे कई अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाया है, जिसको कई बड़ी बड़ी सरकारी योजनाएं, जनप्रतिनिधि या समाजसेवी भी नही कर पाए हैं। जनपद टिहरी गढ़वाल से मनोज किशोर बहुगुणा, चंपावत से रवि बगोटी, उत्तरकाशी से अनिल बडोनी, हरिद्वार से ज्योति सिंह, पिथौरागढ़ से अनीता उपाध्याय, नैनीताल से नमिता सुयाल भट्ट अल्मोड़ा से हिमांशु चौहान, पौड़ी से सरिता उनियाल आज ऐसे नाम बन रहे हैं जिनकी ओर किसी भी विपत्ति में नजर दौड़ाने वाला छात्र या छात्रा खुद को सुरक्षित समझने लगा है। इन सभी सामान्य नामों के साथ प्रदेश का एक बड़ा शिक्षक वर्ग असहाय एवं रोगग्रस्त छात्रों की मदद के लिए हर समय तत्पर है। इन शिक्षकों द्वारा किसी भी छात्र को बीमारी या किसी अन्य प्रकार की आवश्यकता की स्थिति में सोशल मीडिया, व्हाट्सअप, फेसबुक आदि के माध्यम से सहायता के संदेश पोस्ट किए जाते हैं और फिर जरूरतमंद की हरसंभव मदद की सिलसिला शुरू हो जाता है। इस समूह द्वारा अभी तक ऐसे कई अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जिसमे छात्रा रवीना की आंखों का इलाज, राजेन्द्र नेगी का दुर्घटना में घायल होने के बाद पूरा इलाज, दीपांशु जोशी, प्राची पडियार, शिक्षक राजेश पांडेय का ब्रेन हेमरेज के बाद सहायता, वर्तमान में घायल छात्र अंकेश डबराल का इलाज। ऐसे अनेक उदाहरण हैं जिसमे यह समूह समाज के सामने एक मिशाल कायम करता जा रहा है। यह समूह आर्थिक सहायता के साथ साथ आवश्यकतानुसार घायलों के लिए रक्त आदि के लिए भी लोगों को प्रेरित कर रहा है, समूह के सदस्य मनोज किशोर बहुगुणा स्वयं निरंतर रक्त दान करके अन्य लोगों को भी रक्त दान हेतु प्रेरित कर रहे हैं। शिक्षकों और समाज द्वारा जिस प्रकार का सहयोग इस समूह को मिल रहा है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि भारतवर्ष की गुरुत्तर परंपरा का निर्वहन इन शिक्षकों के माध्यम से निरंतर जारी रहेगा और गुरु पद की प्रतिष्ठा और सम्मान निरंतर बना रहेगा।

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