Home अभी-अभी सेना में बेटियों की बढ़ती भागीदारी देशहित में

सेना में बेटियों की बढ़ती भागीदारी देशहित में

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संवाद सूत्र श्रीनगर

श्रीनगरगढ़वा : श्रीनगर तहसील क्षेत्रांतर्गत सशस्त्र सीमा बल केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र के 11वें बुनियादी रंगरूट प्रशिक्षण कोर्स के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सेना में बेटियों बढ़ती भागीदारी को देशहित में बताया। उन्होंने कहा कि सेना मंें बेटियों की संख्या आज काफी बढ़ती जा रही है। जो कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नारे को सही रूप में साकार कर रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रंगरूट प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षुओं को ट्राफी देकर पुरस्कृत किया। जबकि समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सलामी एवं परेड का निरीक्षण कर किया। वहीं प्रशिक्षुओं को देश की अखंडता और एकता की शपथ दिलाई। समारोह में एसएसबी जवानों द्वारा बैंड, मार्च पास्ट व घुड़सवार प्रतिस्पर्धा समेत विभिन्न करतब आयोजित किये गये। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा लिखी गई देवभूमि पुस्तक का विमोचन किया गया साथ ही पास आउट प्रशिक्षुओं ने मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो ली।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का अवसर हमारे जवानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है एवं हम सब के लिए गौरव का दिन है। कहा कि सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों के कार्यक्रमों का निमंत्रण आने पर मना नहीं कर पाता हूं। ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने के लिए बड़ी उत्सुकता बनी रहती है। कहा कि मौसम के कारण एक बार वापस लौटने लगा था। श्रीनगर से आगे जाने के बाद विन्डो मिलने पर वापसी की सम्भावना बढ़ गई। जिस कारण समारोह में उपस्थित हो पाया हूूं। सौभाग्य की बात है कि हमारे लिए एवं अर्द्ध सैनिक बल के लिए एक विशेष प्रशिक्षण जिसमें जम्मू कश्मीर के युवक युवतियां यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर वापस जा रहे हैं। यह गढ़वाल श्रीनगर है वहां जम्मू श्रीनगर है। आज दोनों श्रीनगर एक हुए हैं। यह गढ़वाल की पूर्व राजधानी है। वह जम्मू कश्मीर की वर्तमान राजधानी है। कश्मीर को देश का सिरमौर भी कहा जाता है। उन्होंने यहां से प्रशिक्षण लेकर जाने वाले प्रशिक्षुओं के परिवार को बधाई देते हुए कहा कि मैं उन लोगों को नमन करता हूं जिन्होंने अपने बच्चों के ऐसी शिक्षा दिक्षा दी है कि जिन्होंने आज यहां पर देश के लिए सर्मपण करने का शपथ ली है। उन्होंने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं कि देश तभी सुरक्षित है जब हमारी सेना मजबूत है। हमारी अर्द्धसैनिक बल मजबूत है। अच्छा प्रतिफल व अच्छे हथियार उनको मिलता है। तभी देश की मजबूती का आकलन किया जा सकता है। सीमान्त क्षेत्रों में नव युवक युवतियां यहां से प्रशिक्षण लेकर जा रहे हैं तो हमारी सीमाओं को और अधिक ताकत मिलेगी तथा हमारी सीमायंे और अधिक मजबूत होंगी। सीमा सशस्त्र बल भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान की संवेदनशील सीमाओं की जिम्मेदारी भी आप सब के ऊपर है।  खुली सीमाओं के रूप में मित्रवत राष्ट्रों के मध्य मैत्रिक संधियों के रिश्ते भी हैं ऐसे संवेदशील एवं खुली सीमाओं के मध्य बिना किसी विवाद के रक्षा करना यह बढ़ा जटिलतम कार्य है। मुझे गर्व है कि एसएसबी सीमा की सुरक्षा के साथ- साथ अनेकों अन्य दायित्वों का निर्वहन भी पूरी तत्परता से कर रहा है। विगत वर्षों में सशस्त्र सीमा बल ने विभिन्न राज्यों के हुये चुनाव को सुरक्षित व शांतिपूर्ण निभाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसएसबी द्वारा प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों में जनता के बीच पैदा की गई सुरक्षा की भावना अत्यंत प्रसंशनीय है। भारत-नेपाल के रिश्तों की डोर को मजबूती प्रदान करने के साथ- साथ सम्र्पूण सीमा क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द व विकास की चेतना पैदा कर एसएसबी ने क्षेत्र की युवा ऊर्जा को सकारात्मकता प्रदान की है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सशस्त्र सीमा बल के जवान के रूप में आने वाले दिनों में यह सभी 101 नव प्रशिक्षु अपनी सीटीसी में आधारभूत प्रशिक्षण के मध्य सीखी हुई अनूठी सैन्य कलाओं का प्रयोग करते हुए भारत-नेपाल व भारत- भूटान सीमाओं की रक्षा में भारत माता और अपने बल का नाम शिखर पर पहूंचाएगें। देव भूमि में बसी इस सीटीसी में 44 सप्ताह का प्रशिक्षण  ग्रहण करते समय यहां की मनोहर प्रकृति ने आपको प्रेरणा अवश्य दी होगी। निश्चय ही सैन्य प्रशिक्षण की इन विधाओं में दक्ष इस सीटीसी के सभी प्रशिक्षक बल कर्मी और उप महानिरीक्षक तथा महानिरीक्षक बधाई के पात्र हैं। इन्हीं के अथक प्रयासांे के परिणामस्वरूप राष्ट्र सुरक्षा का सुदृढ़ प्रतिमान यहां तैयार किया जा रहे हैं। 44 सप्ताह की इस प्रशिक्षण अवधि में विभिन्न प्रशिक्षणों में सर्वोत्तम रहे प्रशिक्षुओं को मैं विशेष रूप से बधाई देता हूं। जिनकी अद्वितीय क्षमता ने इन्हें यह सौभाग्य दिलाया। साथ ही अन्य साथियों के लिए प्रेरणा श्रोत बने। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितेंद्र कुमार, डोली देवी, सुमन लता, कमर इकबाल तथा शुभम वर्मा प्रशिक्षुओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, जिलाधिकारी सुशील कुमार,आईजी एसएसबी प्रेमस्वरूप सिंह नेगी, डीआईजी एसएसबी उपेंद्र प्रकाश बलोधी, एसएसपी जेआर जोशी, कमांडर एनएस रौतेला, कमांडर मेडिकल विनय अग्रवाल सहित एसएसबी अधिकारी व जवान साहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

 

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