Home अभी-अभी लम्बी प्रतीक्षा के बाद मसूरी में भारी हिमपात, पर्यटकों के चेहरे खिले।

लम्बी प्रतीक्षा के बाद मसूरी में भारी हिमपात, पर्यटकों के चेहरे खिले।

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कपिल मलिक

मसूरी : पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे अंतराल व प्रतीक्षा के बाद हिमदेव की सवारी आखिर उतर ही गई। मसूरी घूमने आये पर्यटक अपने को सौभाग्यशाली बता रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि भगवान ने हमारी विनती सुन ली। प्रातः से रूक रूक कर बर्फबारी व बारिश होती रही लेकिन दोपहर बाद से लगातार भारी हिमपात हो रहा है वाहन जहां के तहां फंस गये है। वहीं पर्यटक बर्फबारी का पूरा जमकर आनंद ले रहे है।

पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे इंतजार के बाद आखिर बर्फबारी हो ही गई। जबकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहले से बर्फबारी हो रही लेकिन यहां नहीं हो रही थी जिससे पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों के निराशा का भाव पैदा हो गया था। कि अब मसूरी बर्फ विहीन हो गई। कई बार मौसम खराब होने पर पर्यटक आये लेकिन यहां से निराश होकर गये। लेकिन हिमदेव ने पहाड़ वासियों सहित हिमदेव का दर्शन करने आने वाले प्र्यटकों की निराशा को उत्साह व उल्लास में उस समय बदल दिया जब झमाझम बर्फबारी शुरू हो गई। पहले तो प्रातः छह बजे बजे बर्फबारी शुरू हुई व करीब दो इंच तक बर्फ लंढौर क्षेत्र में जम गई लेकिन बाकी कुलड़ी क्षेत्र में हल्का हिमपात हुआ और शीघ्र पिघल गया। उसके बाद बारिश शुरू हो गई व लोगों की तमन्ना एक बार फिर निराशा में  बदलने लगी। लेकिन दोपहर बाद जब पुनः बर्फबारी शुरू हुई तो रूकने का नाम नहीं ले रही और देखते ही देखते पूरी मसूरी को बर्फ की सफेद चादर ने ओड़ लिया। और लगातार बर्फबारी जारी है। और शाम तक बर्फ पड़ती रही। मसूरी के उंचाई वाले इलाकों में एक फीट तक बर्फ की चादर बिछ गयी वहीं मालरोड क्षेत्र में तीन से चार इंच तक बर्फ पड़ चुकी है।

पहाड़ों की रानी का मौसम रात से खराब था तथा रात भर बारिश होती रही व सुबह होते ही बर्फ पड़ने लगी। बर्फ देखने विभिन्न क्षेत्रों से आये पर्यटकों की खुशी देखते ही बनती है। बर्फ देखने आये पर्यटकों का कहना है की वह मौसम खराब देखकर प्रातः पाचं बजे ही मसूरी के लिए चल दिए थे लेकिन यहां आकर बारिश देख निराश होने लगे तथा प्रार्थना करने लगे कि हिमदेव दर्शन दें दें। उनकी प्रार्थना उपरवाले ने सुन ली व दोपहर एक बजे के करीब तेज बर्फबारी शुरू हो गई। जिसे देख प्र्यटक उछल गये। व मालरोड सहित अन्य स्थानों पर जमकर बर्फबारी का आनंद लिया व एक दूसरों के गोले मारे। पर्यटकों का कहना था कि हमारी प्रार्थना ईश्वर से सुन ली यह जीवन का अनमोल पल है। एक पर्यटकों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि बर्फ पड़ गई होगी लेकिन बर्फ पड़ते अपनी आंखों से देखेंगे इस बात का दूर दूर तक अनुमान नहीं था। सामने बर्फ पड़ता देख सपने जैसा लग रहा था। उन्होंने जीवन में पहली बार बर्फ को पड़ते देखा है ऐसा लग रहा है मानों कुदरत ने हमारी सुन ली व हमारी मनोकामना पूरी कर बर्फ के फूल बरसा दिए। यह जीवन का ऐसा पल है जो पूरे जीवन पर्यन्त हमारे साथ रहेगा व जीवन के सुंदर लहमों व यादों में बना रहेगा।

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