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राजकीय प्राथमिक विद्यालय थापला (गैड) को उत्कृष्ट पुरस्कार

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मुकेश रावत

थत्यूड़। (टिहरी):जौनपुर विकासखंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय थापला (गैड) को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान टिहरी गढ़वाल के द्वारा कक्षा में पठन पाठन एवं विद्यालय के वातावरण को आनंदमई बनाने में प्रशंसनीय कार्य करने पर उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार दिया गया है।

कक्षा कक्ष शिक्षण में नवाचार विषय पर आयोजित सेमिनार में विद्यालय के शिक्षक श्री सूर्य सिंह पवार सहायक अध्यापक को सम्मानित किया गया इस अवसर पर श्रीमती सीमा निदेशक जौनसारी अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण /सीमैट उत्तराखंड भी उपस्थित थे।

तमाम कठिन परिस्थितियों के बीच एक विद्यालय ऐसा भी जो अपेक्षाओं के बोझ तले दबने की जगह उन पर खरा उतरने की दशा में अग्रसर है ।शहर की सुख सुविधाओं और चाकचौध से दूर, या कहें कि कथाकथित सुगम इलाकों के इतर राजकीय प्राथमिक विद्यालय थापला (गैड) जौनपुर टिहरी गढ़वाल ने अपनी 17 वर्षो की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में एक खास पहचान बनाई हैं।

न दुर्गम में होने का रोना रोते हैं और ना ही कभी यह बहाना बनाते हैं कि सुविधाओं के अभाव में हम कैसे बेहतर शिक्षा दें। हमेशा सरकार विभाग और समुदाय को कोसने की जगह खुद ही हाथ पांव मारते हुए विद्यालय को न केवल सुविधा संपन्न बनाया है बल्कि सीखने समझने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाया है एक और विषयगत ज्ञान के साथ-साथ सह शैक्षिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया तो वहीं दूसरी और पाठ्य पुस्तकों से आगे बढ़कर स्थानीय परिवेश को भी शिक्षण के एक सशक्त रोचक व सार्थक माध्यम के रूप में अपनाया । जब विद्यालय को एक सामाजिक संस्थान माना जाता है तो विद्यालय की प्रतिक्रियाएं तभी सार्थक हो सकती है जब वहां की समुदाय व अभिभावकों का विद्यालय के साथ एक गहरा रिश्ता हो थापला गैड के इस विद्यालय के अभिभावक अधिक पढ़े लिखे न होते हुए भी विद्यालय को अपना पूरा सहयोग देते हैं खास बात तो यह है कि सक्रिय अभिभावकों में पुरुषों की जगह महिलाएं अधिक है।थापला गैड के विद्यालय में स्वयं को कक्षा शिक्षण और बच्चों तक ही सीमित नहीं रखा है बल्कि समुदाय व समाज को शिक्षा के प्रति जागरुक करने का काम भी किया है समय-समय पर यहां आयोजित होने वाले शैक्षिक सेमिनार इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं जहां एक और अधिकांश सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय संसाधनों के मोहताज हैं वहीं इस विद्यालय ने अपनी पहल पर स्वयं को सुविधा संपन्न बनाया है

जाहिर है यह सब एक दूरदर्शी उत्साही कर्मठ और रचना कर्मी शिक्षक के बिना संभव नहीं हो सकता 16 /17 वर्षों से यहां कार्यरत शिक्षक सूर्य सिंह पंवार की प्रबल इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि यह विद्यालय समाज के विकास को जीतने जा रहा है साथ ही 4 वर्षों से यहां तैनात दूसरे शिक्षक सूरत सिंह राणा भी इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहते है। कुल इस  विद्यालय ने करके दिखाया है कि इरादे यदि नेक हो, हौसले बुलंद हो तो लोग, समाज, प्रकृति,  और परिस्थितियां हमेशा सहायक होती है साथ ही कैसे हम सरोकारों व विभाग पर से हम अपनी निर्भरता को कम करते काम करते हैं स्वायत्तता की ओर बढ़ने का काम करते हैं यहां के शिक्षकों का कहना है कि अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है और उनकी कोशिश जारी है ढांचागत सुविधाओं संसाधनों के बाद अब शिक्षण सहायक सामग्री वह शिक्षण प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सामग्री की ओर अब अधिक ध्यान दिया जाने लगा है।

विद्यालय के शिक्षक सूर्य सिंह पवार का कहना है कि इस विद्यालय की खास बातें और उपलब्धियां की विद्या केंद्र से पूर्ण विद्यालय के रूप में स्थापित होना, बिना किसी सरकारी व विभागीय सहायता के अपने प्रयासों से विद्यालय के लिए फर्नीचर, मैट जैसे संसाधन जुटाना, स्थानीय युवक युवतियों से निशुल्क रूप में शिक्षण में मदद लेना, विद्यालय प्रबंधन समिति तथा अभिभावक बैठक में अभिभावकों की शत प्रतिशत भागीदारी, जनपद स्तर पर खेलकूद रैलियों व सांस्कृतिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन, विद्यालय में नए सिरे से रंगाई-पुताई करते हुई भवन की दीवारों पर विभिन्न प्रकार की चित्र बनाए गए जो कक्षा शिक्षण में सहायक हो रही हैं। समय-समय पर आसपास तथा प्रसिद्ध स्थलों शहरों की सैर बच्चों के एक्सपोजर हेतू करवाना। 10 वर्षों में लगातार 5/6 शैक्षिक सेमिनारों का आयोजन। विद्यालय के भवन की मरम्मत साज-सज्जा चारदीवारी तथा द्वारका निर्माण। परिसर में भांति भांति के फूल के अतिरिक्त फलदार छायादार पेड़ों का रोपण तथा संरक्षण। स्थानीय परिवेश का शैक्षण प्रक्रियाओं में समावेश। परंपरागत जौनपुरी गीत पांडव नृत्य में बच्चों का दक्ष होना। नामांकित बच्चों की संख्या में वृद्धि जिस में अधिकांश बच्चे अन्य गांवों के भी पढ़ने आते हैं। कई समाचार पत्र और पत्रिकाओं में विद्यालय की गतिविधियों को स्थान मिलना। विभागीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अनुश्रवण व अवलोकन।

समय-समय पर शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य ,राजनीतिक से जुड़े से विशेषज्ञों का विद्यालय में भ्रमण व बच्चों से संवाद।

प्रोजेक्टर के माध्यम से ही स्मार्ट क्लास चलना। आदि कई उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कक्षा शिक्षण शैक्षिक सेमिनार के अवसर पर प्राचार्य  चेतन प्रसाद नौटियाल मुख्य शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र गौड़ जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक सुदर्शन बिष्ट, डॉ मोहन बिष्ट, नरेश चंद्र कुमाई, कैलाश डंगवाल, डॉ० वीर सिंह नेगी, जसवंत सिंह बंगारी, देवेंद्र भंडारी ,मीनाक्षी त्यागी आदि उपस्थित थे.

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