Home अभी-अभी यमुनोत्री धाम-आपदा के तीन माह बाद नही सुधरे हालात

यमुनोत्री धाम-आपदा के तीन माह बाद नही सुधरे हालात

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जय प्रकाश बहुगुणा

बडकोट : उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध चार धामों में से प्रथम धाम यमुनोत्री में आयी आपदा को आज 3 माह पूर्ण हो गए हैं।लेकिन सरकार के द्वारा अभी इस धाम में पुनर्निर्माण कार्यो के नाम पर एक पत्थर भी नहीं लगाया गया है। अब स्थिति यह है कि आपदा के कारण क्षतिग्रस्त महिला स्नानकुंड को ठीक न किये जाने से महिला श्रद्धालुओं को नहाने के लिए मजबूरन पुरुष स्नानकुण्ड में जाना पड़ रहा है।सरकार अब तक मूकदर्शक बनी हुई ।

पतित पावनी माँ यमुना के पावन धाम की इतनी उपेक्षा करना ठीक नही है।अब जबकि 9 नवम्बर को भैयादूज के दिन शीतकाल के लिए यमुनोत्री के कपाट बंद कर दिए जाएंगे तो अत्यधिक शर्दी के कारण यमुनोत्री में पुनर्निर्माण कार्य करवाना मुश्किल हो जाएगा।जुलाई माह में यमुनोत्री धाम में अतिव्रष्टि के कारण अपने रोजगार के साधन गवाने वाले युवा महावीर पँवार के अनुसार अभी तक शासन स्तर से कोई भी नुमाइंदा या टीम धाम में हुई क्षति का आंकलन करने नही पहुंची है। और न ही कोई वहाँ की यथास्थिति जानने की आगे की रणनीति तैयार करने की सोची है। स्थानीय पंडा समाज के कुछ सदस्यों का कहना है कि जिस प्रकार से धाम में आपदा से नुकसान हुआ है सरकार को यहाँ पर भूवैज्ञानिकों की टीमें और आपदा प्रबंधन की अनेक टीमों को भेजकर अब तक पुंनर्निर्माण का कार्य पूर्ण करवाना चाहिए था।यमुनोत्री धाम की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ओ बी सी मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष संजय डोभाल ने कहा कि जो भारतीय जनता पार्टी मन्दिरो के नाम पर अपनी राजनीति चमकाती है वही आज यमुनोत्री जैसे धाम की उपेक्षा कर रही हैं।डोभाल ने कहा कि भाजपा की प्रदेश व केंद्र की सरकार सिर्फ अपने वोट बैंक के खातिर मंदिरों व धर्म की राजनीति करती है।जिस प्रकार से यमुनोत्री धाम में आई आपदा के तीन महीने बाद भी स्थिति बनी हुई है यहाँ की जनता आने वाले स्थानीय निकाय व लोकसभा चुनाव में सरकार को उसका प्रतिफल देगी।

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