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भिलाडू के प्राकृति श्रोत में मिल रहा गंदा पानी, बीमारी का खतरा बढ़ा।

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कपिल मलिक

मसूरी : भिलाडू में प्राकृतिक जलश्रोत के पानी में सीवर का पानी मिलने से मसूरी आ रहा है गंदा पानी जिससे बीमारी का खतरा बढ़ने की संभावना बलवती हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर जलसंस्थान का कहना है कि जो गंदा पानी मसूरी से आता है वह प्राकृतिक श्रोत से अलग है।

पहाड़ों की रानी मसूरी का सारा कूड़ा गडडी खाने में आजादी के बाद से डाला जाता रहा है। और अब यह कूड़ा बह कर भिलाडूं की ओर जा रहा है। यहीं नहीं सीवर लाइनों का सारा पानी भी बह कर भिलाडूं की ओर जाता है। जो कि प्राकृतिक श्रोत में मिलता है। भिलाडू निवासी रत्तो देवी का कहना है कि मसूरी से सारी गंदगी बरसात के दिनों में यहां बह कर आती है। यह सारा कचरा गडडी खाने से आता है जिससे यहां पानी के नाले में चारो ओर गंदगी नजर आती है। वहीं मसूरी की ओर से सीवर का पानी भी बह कर आता है जो पानी के मुख्य श्रोत में मिल रहा है और यही पानी मसूरी आता है। उन्होंने मांग की कि नगर पालिका व जल संस्थान यहां आने वाली गंदगी को रोकने की योजना बनाये ताकि यहा के लोगों को परेशानी का सामना न करना पडे़। वहीं भिलाडूं निवासी वीरेंद्र भंडारी का भी यही कहना है कि मसूरी के गडडी खाने से कूड़ा धीरे धीरे भिलाडू की ओर आ रहा है जिससे यहाँ गंदगी बढ़ रही है इस संबंध में कई बार पालिका व जल संस्थान को कहा गया लेकिन आत तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में जल संस्थान के सहायक अभियंता टीएस रावत का कहना है कि जल संसथान के पानी का जहां श्रोत है वह अलग है और जो गंदगी मसूरी से बह कर आ रही है वह अलग है, मसूरी की ओर से आने वाला सीवर का पानी जल संस्थान के श्रोत में न मिले इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। मसूरी जो पानी आता है वह स्वच्छ है। वहीं नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका ने आजादी के बाद से आज तक कूड़ा निस्तारण का जो डंपिंग जोन बनाया था वह अब शीघ्र बंद किया जा रहा है और कूड़ा देहरादून शीशम बाड़ा जायेगा। इसके बाद आने वाले समय में गडड़ी खाने में रहने वालो को भी राहत मिलेगी। क्यों कि सत्तर सालों बाद यहाँ के लोगों को दुर्गध से मुक्ति मिलेगी व इस स्थान में जो गंदगी पड़ी है इसे भी हटाने का प्रयास किया जायेगा।

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