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बीरा गांव प्राथमिक विद्यालय चल रहा जर्जर भवन में, बच्चे बरामदे में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर।

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कपिल मलिक

मसूरी : मसूरी से सटे राजकीय प्राथमिक विद्यालय बीरा गांव में बच्चे कड़ाके की सर्दी के बीच भी विद्यालय के आंगन में व बाहर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं क्यों कि विद्यालय भवन इतना जर्जर हो रखा है कि शिक्षिकांए कक्षा में बच्चों को बैठाने से डर रही हैं। सबसे अधिक परेशानी बारिश में होती है जब न बाहर बिठा सकते हैं और न अंदर ही बच्चों को बिठा सकते हैं।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय बीरा गांव में करीब 30 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण विद्यालय भवन में नहीं बैठाये जाते क्यों कि छत कभी भी गिर सकती है। दीवारें भी जर्जर हो चुकी हैं। इस संबध में विद्यालय की प्रधानाध्यापक मनीषा रयाल ने बताया कि विद्यालय भवन की दशा सुधारने के लिए कई बार विभागीय लिखा जा चुका है, जिस पर नये भवन की स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन अभी तक इस कार्य को शुरू नहीं किया जा सका है। किस कारण विलंब हो रहा है इसका पता नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का भवन जर्जर होने के कारण छा़त्र छात्राओं को अंदर बिठाने का रिस्क नहीं लिया जा सकता अगर कोई घटना हो जाये तो जिम्मेदारी शिक्षकों की मानी जायेगी। उन्होंने बताया कि भवन के छत की कड़िया टूट चुकी है दीवारों में दरारें हैं जब कभी मौसम खराब होता है तो डर लगा रहता है कि कहीं छत नीचे न आ जाये। विद्यालय की शिक्षिका शाांति भंडारी का कहना है कि विद्यालय के छात्र छात्राओं को विद्यालय के प्रांगण व बाहर बिठाकर शिक्षा देने को मजबूर हैं इससे व्यवधान भी होता है लेकिन क्या करें मजबूरी है। विद्यालय भवन की हालात के बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखा जा चुका है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। यह कहा जाता है कि भवन स्वीकृत है और नया भवन बनना है लेकिन कब बनेगा पता नहीं। नगर पालिका के पूर्व सभासद व बीरा गांव के निवासी विरेंद्र पंवार का कहना है कि विद्यालय भवन की हालात देख कर डर लगता है। इससे ग्रामीणांे में भी आक्रोश व्याप्त है क्यो ंकि जब तक बच्चे घर नहीं पहुंच जाते डर लगा रहता है हालात यहं हैं कि जब मौसम खराब होता है तो ग्रामीण बच्चों को विद्यालय नहीं भेजते। कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विगत दिनों शिक्षा विभाग की एक टीम निरीक्षण के लिए विद्यालय भवन में आई उन्होंने भी रिपोर्ट दी वहीं कहा जा रहा है कि विद्यालय के नये भवन को स्वीकृति मिल चुकी है लेकिन कब निर्माण शुरू होगा पता नहीं। शिक्षा विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विद्यालय में कोई घटना होती है तो विद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा।

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