Home अभी-अभी पूर्व सैनिक संगठन ने कुछ इस तरह से मनाया स्थापना दिवस

पूर्व सैनिक संगठन ने कुछ इस तरह से मनाया स्थापना दिवस

70
0
SHARE

अरविन्द सेमवाल

देहरादून : पी.वी.ओ.आर. पूर्व सैनिक संगठन के 10 वें स्थापना दिवस, जो कि प्रत्येक वर्ष धूम-धाम से मनाया जाता था। परन्तु इस बार देश के वीर शहीदों की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित कर मनाया गया।

पूर्व सैनिक एवं उनके परिवार एवं आश्रित, प्रातः 10:30 बजे बड़ी संख्या में परेड ग्राउण्ड में एकत्रित हो कर श्रद्धांजलि रेली के रूप में रेजल कॉलेज, दर्शन लाल चैक, घन्टाघर होकर गांधी पार्क में स्थित वार मैमोरियल में पहुँचे। वार मैमोरियल में देश के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और देश भक्ति के कार्यक्रम किये गये।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व सैनिक विधायक गणेश जोशी अपनी धर्म पत्नी श्रीमती निर्मला जोशी को लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने गांधी पार्क पहुँचें श्रद्धांजलि सभा में श्री जाशी ने कहा-मुझे गर्व है कि मैं पूर्व सैनिक हूँ। अगर मैं सैनिक नहीं होता तो शायद विधायक भी नहीं बन पाता उन्होनें कहा हमारी सरकार ने घोषणा की है कि पैरा मिलिट्री फोर्स को भी पूर्व सैनिकों की भांति सुविधाएं दी जायगीं इसके लिए तेजी से अलग निदेशालय बनाने का कार्य चल रहा है श्री जोशी ने कहा उपनल, जो पूर्व सैनिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए बनाया गया है उसको सबेरिया द्वारा गढ़ी कैन्ट से हटाने का नाटिस दिया गया था हमारी सरकार का निर्णय है उसे पहले की भाँति वहीं रहेगा उसको हटाया नहीं जायेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता 85 वर्षीय पूर्व सैनिक हरी सिहं गुरूगं जिन्होंने विश्व युद्ध में भी भाग लिया था ने की, उन्होने कहा भारतीय सेना सर्वश्रेष्ठ सेना है मैं किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाता हूँ परन्तु देश में इतनी बड़ी शहादत जो सैनिकों ने दी है उनको श्रद्धांजलि देने मैं आज यहाँ अपने परिवार के साथ पहुँचा हुँ उन्होंने कहा-पूर्व सैनिक हमारे देश की धरोहर है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पी.वी.ओ.आर. संगठन के अध्यक्ष पी.टी.आर. शमशेर सिहं बिष्ट(अ0प्रा0) ने कहा की पाकिस्तान के सह पर आतंकवादियों ने कायराना हमला कर धोखे से पुलवामा में हमारे सैनिकों पर हमला किया जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गये।

देश में शोक की लहर थी प्रत्येक नागरिक गुस्से में था परन्तु 10-12 दिन में ही भारतीय सेना की ऐयर फोर्स द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी कैम्पो का सफाया कर दिया। और पाकिस्तान की सीमा में हमारे जांब़ाज फाइटर पाईलेट अभिनन्दन को पकड़ लिया गया था भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से डरे हुये पाकिस्तान ने उसे भय के कारण दो दिन में ही छोड़ना पड़ा। भारतीय सेना ने शौर्य की नयी कहानी लिख दी है। ये जांबा़ज सैनिक जब सेवानिवृत हो जाते है तो उत्तराखंड में उनको रोजगार से जोड़ने के लिए उपनल की व्यवस्था की गयी है बड़े दुःख की बात है कि सबेरिया द्वारा उसे गढ़ी कैण्ट से शिफ्ट करने का नोटिस दिया गया है। इस पर सरकार ने संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही कर उपनल को शिफ्ट नहीं होने देना चाहिए क्योंकि पूर्व सैनिकों के लिए इससे उचित स्थान देहरादून में उपलब्ध नहीं है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संगठन के महासचिव कैप्टन आर.डी. शाही, संगठन मंत्री सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, महिला अध्यक्षा राजकुमारी थापा, महासचिव ममता थापा, डोईवाला प्रभारी रक्षा बोडई ऋषिकेश के शाखा अध्यक्ष कमाण्डो बलवन्त सिहं रागंड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम में महानगर प्रभारी कैप्टन रमेश रावत, सचिव कलम सिहं फर्सवाण, के.बी. गुरूगं, जिला प्रभारी कैप्टन यू.डी. जोशी, कैप्टन कैलाश चन्द्रा, विनोद बलोनी, शंकर क्षेत्री, प्रेम सिहं रावत, पदमशाही, सचिव माधुरी राई, जिला सचिव रेखा थापा, केन्द्रिय कार्यकारिणी सदस्य मधु थापा, शाखा अध्यक्ष पुष्पा वर्मा, रतना पुन, रजनी गुरूगं, सरस्वती क्षेत्री, आदि सैकड़ो की संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here