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पलायन आयोग प्रदेश से पलायन रोकने के लिए ठोस प्रयास करेगा।

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कपिल कपिल

मसूरी : पहाडों की रानी मसूरी पहुंचे प्रदेश पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी ने पत्रकारों से बात करते हुये बताया कि वर्ष 2011 से अब तक प्रदेश से ढाई से तीन लाख लोगों ने पलायन किया है जो चिंता का विषय है। लेकिन प्रदेश में आयोजित इनवेस्टर मीट से सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि पलायन आयोग ने पूरे प्रदेश के गांवों का सर्वेक्षण किया है तथा वहां से पलायन सहित अन्य समस्याओं के बारे में रिपोर्ट तैयार कर गत मई माह में सरकार को सर्वे की रिपोर्ट का सम्पूर्ण खाका सौंप दिया है। जिसमें राज्य सरकार को पहाडों से बढते पलायन से अवगत करवाया गया। व सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के सुझाव भी दिए गये हैं। उन्होने बताया कि पिछले सात आठ वर्षो में पहाड से तकरीबन दो .ढाई लाख लोग पलायन कर चुके है जो चिंन्ता का विषय है। राज्य के प्रत्येक पहाडी क्षेत्रों में सर्वे के दौरान जो पलायन का प्रमुख कारणो का आॅकलन सामने आया उसमें पहाडी क्षेत्रों में आय के श्रोतों की कमी कृषि भूमि पर चकबंन्दी का ना होना. स्वास्थ्य. शिक्षा की बदहाली,.जंगली जानवरों का आतंक. और कई क्षेत्रों में सडक बिजली की सुविधा का खासा टोटा सामने आया है जिस कारण अधिकांश लोगों ने पलायन किया है। जो पलायन का प्रमुख कारण है। वहीं उन्होने बताया कि पलायन के उपरान्त भी आज पहाडी क्षेत्रों में लोग बडी तादात मे निवास कर रहे है। सरकार को दी गई रिर्पोट के बाद अवश्य इसमे ठोस कार्य होगा। उन्होने भरोसा जताया कि सरकार की नीति के तहत पहाड का पलायन अवश्य एक दिन शहर से गाँव की ओर स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि अब जिला, ब्लाक व पंचायत स्तर पर भी सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पौड़ी जिले में भले ही पलायन से जनसंख्या घटी है लेकिन तीन ब्लाकों में जनसंख्या बढ़ी है जो सकारात्मक संकेत है। जिसमें दुग्डडा, खिर्सू व थलीसैंड प्रमुख हैं।

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