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पर्यावरणीय गीत “घिंगर की डाळी“ का वीडियो रिलीज

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संवाद सूत्र देहरादून

देहरादून मसूरी विधायक गणेश जोशी द्वारा गायिका पूनम सती द्वारा गाये गये गीत “घिंगर की डाळी“ के वीडियो का लोकार्पण रिंग रोड स्थित एक होटल में किया गया। उत्तराखण्ड की नयनाभिराम नैसर्गिक सुंदरता पर आधारित इस गीत के लोकापर्ण समारोह का आयोजन प्रसिद्ध समाजसेवी दिनेश चमोली द्वारा किया गया। इस अवसर पर देहरादून के मेयर सुनील उनियाल ’गामा’, कथा वाचक व बद्री केदार मन्दिर समिति के अध्यक्ष शिवप्रसाद ममगाई, भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ व शाल ओढ़ाकर सम्मानित कर की गई।

मसूरी के विधायक गणेश जोशी ने कहा कि अपने अलौकिक सौन्दर्य और बेसकीमती प्राकृतिक संसाधनों की हिफाजत करते हुए प्रकृति को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करते हुए जरूरत भर संसाधनों का इस प्रकार दोहन करना कि यह सौन्दर्य और संसाधन लगातार समृद्ध होते जाएं उत्तराखण्ड की संस्कृति का हिस्सा है। हमारे पहाड़, पहाड़ी जीवन उसकी आवोहवा व परिधानों में विशेष आकर्षण हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा राज्य में फिल्म, संस्कृति तथा कला आधारित प्रयोगों को विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की विशेष पहल का ही नतीजा है कि आज उत्तराखण्ड वॉलिवुड का फेवरेट सूटिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कई अवसर खुले हैं। प्रदेश की लोक प्रतिभाओं व लोक कलाकारों को लगातार सिनेमा जगत में काम करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने गायिका पूनम सती के गीत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह गीत बेडु पाको बारामासा जैसे विश्व प्रसिद्ध गीत की तरह ऊंचाईयां छुए ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं।

इस दौरान मेयर सुनील उनियाल ’गामा’ ने विडियो की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य की पर्यावरणीय प्रकृति को दुनिया के सामने रूबरू करवा यही वह खूबसूरती हमारे पहाड़ों की विशेषता है।

बद्री केदार मंन्दिर समिति के अध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने कहा कि यह गीत हमें ठेठ उत्तराखण्ड के गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचा देता है व अपनी संस्कृति से सीधा जोड़ता है। और अपने पहाड़ के लिए सरोकरों की याद दिलाता है।

समाज सेवी एवं सांस्कृतिक एक्टिविस्ट विनोद चमोली ने जानकारी देते हुए बताया कि गीत के बोल हैं नन्नी नन्नी घिंगर की दाणी झुम्पा कैन तोड़ी दा….! यह गीत राज्य की महिलाओं की मेहनतकश दिनचर्या तथा प्रकृति के साथ उत्तराखण्ड वासियों के सहजीवन को बड़ी खूबसूरती से दर्शाता है। गीत का फिल्मांकन चकराता के आस पास तथा रायपुर व आस पास की लोकेशन में किया गया। उन्होंने कहा कि यह गीत लोकगीतों की श्रेणी का गीत रहा है जिसमें हल्का सा फ्यूजन कर संगीतकार विनोद चौहान के सुंदर संगीत में सजाकर प्रस्तुत किया है। वीडियो का निर्देशन सुप्रसिद्ध फिल्मी कलाकार मुकेश घनशाला द्वारा किया गया, तथा मुख्य अभिनय मिनी उनियाल, रीता ध्यानी, शालिनी सुंदरियाल व सोनिया बडोनी ने मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि फिल्मांकन युवी नेगी व सम्पादन नागेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया।

इस दौरान लोकगायक रजनीकांत सेमवाल, आलोक मलासी, सुप्रसिद्ध गायक गजेंद्र राणा, लक्ष्मण रावत,  ब्रह्मकमल संस्था के अध्यक्ष राजीव चौहान, दिनेश बेलवाल, मनोज इष्टवाल, अभिनेता गायक गिरीश पहाड़ी, अभिनेता अब्बू रावत, सोहन चौहान, सैंडी, बृजेश शाह, गायक अमरदीप नेगी, इत्यादि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सन्तोष जोशी व विशेष सहयोग ऋषि परमार प्रोडक्शन द्वारा किया गया।

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