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नागार्जुन धाम नगरूंघाट में मंदिर के जीर्णोद्धार की कवायद शुरू || महाकाली नदी तट पर बनेगा भव्य मंदिर

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संवाद सूत्र चम्पावत

चम्पावत : जिले के लोहाघाट विकासखंड के भारत नेपाल सीमा विभाजक महाकाली नदी तट पर स्थित नागार्जुन धाम नगरूंघाट में मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग हेतु श्रद्धालु आगे आने लगे हैं, नागार्जुन के विस्तार क्षेत्र के भीतर के लोग  जो कि अब रोजगार आदि कारणों से यहां से बाहर रहते हैं वे लोग भी सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं, गौरतलब है कि नागार्जुन देवता का वास महाकाली नदी के विशाल भंवर वाले तालाब के भीतर माना जाता है, महाभारत कालीन इस देवता के अंश भारत-नेपाल के वार पार के सैकड़ों गांवों में विस्तारित हैं। इस देवता को चौखाम देवता का मिज्ज्यू, मीत कहा जाता है। विकासखंड लोहाघाट के डुंगरालेटी और पासम ग्राम पंचायतों के अंतिम छोर में स्थित सेरे में इस देवता का प्राचीन मंदिर है जो वर्तमान में जीर्ण शीर्ण हो चुका है। जिसे पूरी तरह नया रूप देने के लिए यहां के लोग इन दिनों उत्साहित हैं, साथ ही जो लोग क्षेत्र से बाहर रहते हैं उनमें भी मंदिर पुनर्निर्माण को लेकर खासा उत्साह है। चम्पावत के नजदीक भरछाना में रहने वाले ज्योतिषाचार्य रेवाधर कलौनी, और खेती  में रहने वाले नारायण दत्त पुनेठा भी कहते हैं कि नागार्जुन उनका इष्ट देवता है, जिसके मंदिर निर्माण को लेकर उनमें खासा उत्साह है। उधर आगामी 6 जनवरी से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है, जिसके लिए यहां के बगोटी, सल्टा, जमरसों, डुंगरालेटी, पासम, अषलाड़, सुल्ला, मडलक, मजपीपल, सुनकुरी, सेल्ला, बडम, कनटुकरा, डुमडाई, खेती, गुडमाग़ल, बिल्दे, देवकुंडा, डूंगरा, मडुवा, कामलेड़ी, कुनाड़ी, रौसाल, सीटाक बुंगा, पुण्डिल, गजीना, रौल धौन, आदि गांवों के लोगों में भारी उत्साह है। मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश कलौनी, सचिव भुवन भट्ट, उपाध्यक्ष कमल बोहरा और रमेश चंद, कोषाध्यक्ष सतीश पांडेय, सहसचिव अनिल पांडेय, प्रचार प्रसार सचिव खष्टीबल्लभ पांडेय, मुख्य व्यवस्थापक कैलाश तिवारी, व्यवस्थापक विक्रम सामन्त, और बहादुर चंद ने सभी श्रद्गालुओं से अपील की है कि वे 06 जनवरी को भारी संख्या में नगरूघाट पहुंच कर  श्रमदान में सहयोग करें, उनका कहना है कि शुभारंभ के दिन देवताओं की गद्दी लगाकर देव शक्तियों को धर्मशाले में रखा जायेगा, फिर श्रम दान से मंदिर खाली किया जायेगा उसके बाद वहां पर विशाल भंडारे का आयोजन होगा, उन्होंने समस्त समस्त श्रद्धालुओं को आगामी 06 जनवरी को नगरूंघाट में आमंत्रित किया है।

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