Home अभी-अभी नवाड़ी धार का जर्जर सरकारी स्कूल दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण।

नवाड़ी धार का जर्जर सरकारी स्कूल दुर्घटना को दे रहा आमंत्रण।

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कपिल मलिक

मसूरी : सरकार भले ही स्कूलों में समुचित व्यवस्था करने का लाख दावा करें लेकिन सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नही है। जौनपुर के बीरा बीरा गांव नवाड़ी धार स्कूल जर्जर भवन होने के कारण कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

मसूरी के निकटवर्ती जौनपुर विकास खंड के नवाड़ी धार बीरा गावं स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के ग्रामीण बच्चे विद्यालय भवन के जर्जर होने के चलते कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। जब कि कई बार विभाग को लिखा जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विद्यालय विगत कई वर्षों से जर्जर है लेकिन बरसात के दिनों के यहां बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है छत चूने के साथ ही छत की कड़ियां गल चुकी हैं जो कभी भी नीचे आ सकती हैं जिसको देखकर विद्यालय की शिक्षिकाएं स्कूल विद्यालय के प्रांगण में लगाते हैं तथा अधिक बारिश होने पर स्कूल बंद करने को मजबूर होना पड़ता है। विद्यालय में बिजली पानी तक की व्यवस्था नहीं है। यह क्षेत्र को एकमात्र ऐसा राजकीय प्राथमिक विद्यालय था जहां सबसे अधिक बच्चे पढ़ते थे लेकिन अब ग्रामीण अभिभावक अपने बच्चों को मौत के मुंह में नहीं धकेल सकते जिस कारण अब यहां मात्र 30 के करीब बच्चे रह गये हैं। बरसात में पूरा स्कूल चूता है जिस कारण बच्चों को बाहर आंगन में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है  और वहां भी वह डरे सहमें बैठे रहते हैं कि कहीं छत की सीलिंग या कड़ी न गिर जाय। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व सभासद नगर पालिका वीरेंद्र पंवार ने बताया कि इस विद्यालय की हालत सुधारने के लिए कई बार विभाग को लिखा जा चुका है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है, शायद सरकार किसी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर सरकार लोगों को पलायन न करने के लिए कहती है लेकिन जब कोई सुविधा नहीं होगी तो लोग गांव में क्यों रहेंगे। उनके बच्चों को शिक्षा, चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं है। इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शांति भंडारी का कहना है कि विद्यालय की जर्जर हालात को देख कर डर लगा रहता है कि कही कोई दुर्घटना न हो जाय। विद्यालय की ओर से क्षेत्रीय शि़़क्षा अधिकारी सहित जिला शिक्षा अधिकारी को कई बार लिख कर दिया है लेकिन कोई सुनवाई न होने के कारण अब हालात से समझौता कर लिया है। स्कूल भवन की छत जर्जर है कड़ियां गल कर अपना स्थान छोड़ चुकी हैं तथा हर समय विशेष कर बरसात में डर बना रहता है।

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