Home अभी-अभी झूलाघर के दुकानदार परेशान, तीन साल बाद भी नहीं हुई दुकाने आवंटित।

झूलाघर के दुकानदार परेशान, तीन साल बाद भी नहीं हुई दुकाने आवंटित।

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कपिल मलिक

मसूरी : मालरोड स्थित शहीद स्थल के समीप झूलाघर पर करीब दो दर्जन दुकाने तीन साल पहले शहीद स्थल के सौदर्यीकरण के लिए तोड़ दी गई थी लेकिन तीन साल बीतने पर भी दुकाने नहीं बन पाई जिस कारण बेरोजगार हुए दुकानदारेों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व उनपर रोजी रोटी का संकट आ गया है।

नगर पालिका परिषद ने झूलाघर पर सौदर्यीकरण करने हेतु वहां दुकान लगाकर अपने परिवारों को लालन पालन करने वाले करीब दो दर्जन दुकानदारों को इस भरोसे के साथ हटाया था कि छह माह में दुकाने बना दी जायेगी व उन्हें आवंटित कर दी जायेगी। उस समय भी दुकानदारों ने विरोध किया था क्यो कि उन्हें शंका थी कि यह सरकारी कार्य है इसमें समय लगेगा। लेकिन तब अच्छे की आशा से उन्होंने अपना विरोध बंद कर दिया व दुकाने खाली कर दी। जिस पर पालिका ने सौदर्यीकरण के लिए एमडीडीए को उक्त स्थल सौंप दिया। लेकिन आज तीन साल बीतने पर भी दुकाने आंवटित करना तो दूर उक्त स्थल पर पूरा कार्य भी नहीं किया गया। जिससे लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। स्थनीय दुकानदारों को कहना था कि उन्हें पालिका सड़क पर ले आयी वह नहीं चाहते थे कि मालरोड पर दुकानें लगाये लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। नगर पालिका चुनावों के समय तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिह मल्ल ने बिना एमडीडीए से पूछे दुकानों को आवंटित कर दिया। जिस पर एमडीडीए ने विरोध किया और दुकाने आज तक आवंटित नहीं हो पाई। वहीं जितने लोग वहां पर बैठते थे उस हिसाब से भी दुकाने पूरी नहीं बनी जिसके कारण उन व्यवसायियों में भी इस बात को लेकर आक्रोश है कि उन्हें अभीतक दुकाने बना कर नहीं दी गई। अब नव निर्वाचित पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठायेंगे व इन दुकानों को एमडीडीए से वापस लेकर उन्हें खुद बनाकर उन व्यवसायियों को सौंप देगें जो यहां बैठते थे। अब नये अध्यक्ष पर इन दुकानदारों का भरोसा है तथा उम्मीद है कि शीघ्र ही उन्हें दुकाने मिलेंगी व परिवार का पालन पोषण किया जा सकेगा।

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