Home अभी-अभी जीरो टॉलरेंस की पोल खोल रहे हैं जांच अधिकारी

जीरो टॉलरेंस की पोल खोल रहे हैं जांच अधिकारी

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जय प्रकाश बहुगुणा

बड़कोट : एक तरफ राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो दूसरी ओर सरकार के अधिकारियों ने नौगांव विकास खण्ड के दारसौ गांव में निर्माण कार्यो में हुई अनियमितता का सूचना के अधिकार के तहत भी स्पष्ट जबाब न मिलना जीरो टॉलरेंस की पोल खोल रहा है। अधिकारी जिलाधिकारी के आदेशों को भी दर किनारे कर रहे है।भ्र्ष्टाचार के मामलों में जिला प्रशासन कितना गम्भीर है इसका ताजा उदाहरण नौगांव विकास खण्ड में देखने को मिला।जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी के विकासखडं नौगांव की रीना देवी ने अपने ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों के फर्जीवाड़े और अनियमित अपारदर्शी कार्यों पर पहले विकासखडं स्तर से जांच करवाई जब अधिकारियों और जांच टीमों ने जांच को प्रभावित किया तो आरटीआई कार्यकर्ता रीना ने जांच जिलाधिकारी से करवाने का फैसला लिया और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चार बीन्दुओं पर जांच करवाई जिसमें पहला जोड़े नामे तोक में हुए कार्य का था जिसमें भारी अनियमितताएं थी। दुसरा विन्दु जलागम से संबधित था जिसमें फर्जी मस्टोल के तहत भुगतान किया गया जिसमें एक ही व्यक्ति अपने हस्ताक्षर से अन्यो का भुगतान कर रहा है।यह मामला गोठा नामे जगह का है ऐसी तमाम योजनाओं पर जांच करवाई थी। जिनमें भारी अनियमितताएं थी लेकिन जिलाधिकारी कार्यालय से सिर्फ एक ही योजना की जांच हुई जिससे आरटीआई कार्यकर्ता असंतुष्ट है?
आरटीआई कार्यकर्ता रीना ने बताया कि उसने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाई थी लेकिन जिलाधिकारी स्तर से भी संतोषजनक जांच नहीं होना एक खेद का विषय है।
यह मामला विकासखडं नौगांव के ग्राम पंचायत दारसौ का है जहां बीते साल से आरटीआई कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खुलासा कर रही है लेकिन विभागीय और प्रशासनिक मजबूरी कागजों को रद्दी की टोकरी में डाल रहे हैं।
अब आरटीआई कार्यकर्ता रीना को कहीं न्याय नहीं दिख रहा है और आप यह जानकर हैरान होंगे की जांच टीमों ने जो भी जांच की है उसकी आख्या भिन्न है तो ऐसी जांचों को कैसे निष्पक्ष जांच कहा जाये।
अब सवाल ए है की जब जांच जिलाधिकारी कार्यालय से करवाई थी तो जवाब भी जिलाधिकारी ही देगा ।

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