Home अभी-अभी छावनी परिषद लंढौर के उपाध्यक्ष को दिल्ली में एसीसीए ने सम्मानित किया।

छावनी परिषद लंढौर के उपाध्यक्ष को दिल्ली में एसीसीए ने सम्मानित किया।

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कपिल मलिक

मसूरी : ऑल कैंटोनमेंट सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय सम्मेलन में छावनी परिषद लंढौर मसूरी के उपाध्यक्ष को जनता के हित के लिए कार्य व उनकी आवाज को बोर्ड बैठक में उठाने के लिए सम्मानित किया गया। इससे मसूरी छावनी परिषद की जनता में खुशी की लहर है।

दिल्ली में आयोजित ऑल केंटोनमेंट सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय सम्मेलन में देश के 62 कैंटों के जनप्रतिनिधियों व छावनी में रहने वाले नागरिकों ने प्रतिभाग किया। बैठक की जानकारी देते हुए छावनी परिषद लंढौर मसूरी के उपाध्यक्ष महेश चंद ने बताया कि बैठक में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कैंट एक्ट व अन्य कानूनों को बदलने पर चर्चा की गई। जिसमें लैंड पॉलिसी, म्यूटेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने, अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के नोटिस पर उसे पीपी एक्ट की तरह जिला न्यायालय में निपटाने पर जोर दिया गया। बैठक में छावनी क्षेत्र की जनता की आवाज को सुनने के लिए रक्षा मंत्री भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कानपुर के सांस सत्यदेव पचैरी एवं बंगलौर के सांसद भागवत खोबड मौजूद रहे। इस मौके पर सांसद सत्यदेव पचैरी ने कहा कि भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में साफ लिखा है कि सारे काले कानून बंद किए जायेंगे इसलिए छावनी एक्ट में भी जल्दी बदलाव किए जायेंगे। बैठक में छावनी परिषद लंढौर मसूरी के उपाध्यक्ष महेशचंद को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज देश को आजाद हुए 70 साल हो गये हैं परंतु छावनी परिषद की जनता गुलाम की तरह जिंदगी जी रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड को लोकतांत्रिक बनाया जाना चाहिए व जनप्रतिनिधियों को अधिकार संपन्न बनाया जाना चाहिए। 1924 से चले आ रहे कानूनों में बदलाव किया जाना आज की जरूरत है। और इसके लिए वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा  कि वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन के अध्यक्ष ले.ज. मोहन भंडारी ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि आज बोर्ड में महेश चंद जैसे उपाध्यक्ष की जरूरत है जो निर्भीक होकर जनता की लड़ाई बिना किसी से दबे व बिना किसी स्वार्थ के लड़ रहे हैं।

 

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