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गुरू नानक स्कूल स्थापना दिवस पर छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए व पुरस्कार हासिल किए।

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बिजेंद्र पुंडीर

मसूरी : गुरू नानक फिफत सेंटेनरी स्कूल मसूरी संगरीला एवं विंसेट हिल का 49वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जहां बच्चों ने मनमोहन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी वहीं नाटक आदि कर अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस मौके पर वर्षभर की गतिविधियों के पुरस्कार भी वितरित किए गये।

गुरू नानक स्कूल संग्रीला के सभागार में आयोजित समारोह में पहुंचने पर बतौर मुख्य अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक डा. हरभजन सिंह, डा. बलबीर सिंह का विद्यालय के सचिव महेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य अनिल तिवाड़ी, डीन निर्मलदीप साहनी व प्रधानाध्यापक कुलदीप त्यागी व विद्याालय के प्रशासनिक अधिकारी सुनील बक्शी ने जोरदार स्वागत किया। वहीं एनसीसी कैडेटस ने गार्ड आॅफ आनर का सम्मान दिया। कार्यक्रम का शुभारभं शबद कीर्तन ओ नमो भगवत गुसांई के द्वारा किया गया। वहीं प्रधानाचार्य अनिल तिवाड़ी ने विद्यालय की विभिन्न शैक्षिक व अन्य गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट सदन में रखी। वहीं विद्यालय की डीन निर्मल दीप साहनी ने कहा कि जीवन में आने वाली कड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को बढ़ावा देने की जरूरत है। स्कूल के शिक्षकों व छात्रों की कड़ी मेहनत के परिणाम स्वरूप पूरे देश में आवासीय विद्यालयों में गुरू नानक स्कूल का सातवां स्थान है। जो गर्व की बात है। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हनुमान चालीसा की चैपाइयों पर आधारित स्वागत नृत्य किया। वहीं सिंडेªला की बर्थ डे पाटी लघु नाटिका ने सबका मन मोहा महाराष्ट्र का प्रसिद्ध लावणी नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। वहीँ हिंदी नाटक चेज विदिन में वर्तमान ज्वलंत समस्याओं पर प्रकाश डाला। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, महिलाओं की समस्याओं व सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान की कहानी दर्शायी गई। बालविद्यामंदिर के बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित सत्यमेव जयते, अंग्रेजी नाटिका ए मैन हू हैस ए डंब वाइफ ने दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया। अंत में भगड़ा नृत्य के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम समाप्त हुए।

कार्यक्रम के अंत में छात्र छात्राओं को वर्षभर की गतिविधियों, शिक्षा, खेल, वादविवाद, व अन्य गतिविधियों के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डा. हरभजन सिंह ने कहा कि गुरू नानक स्कूल सरदार मेहताब सिंह व जसपाल सिंह के सपनों को साकार कर उनके लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका उददेश्य था कि बच्चे शांत वातावरण में रह कर शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही आध्यात्म का आत्मसात कर देश विदेश में नाम कमायें। उन्होंने कहा कि स्कूलो में सभी धर्मों के बच्चे आते है उन्हें मानवता का पाठ पढ़ाया जाता है। क्यो कि धर्म समाज को जोेड़ता है तोड़ता नहीं यहीं गुरूग्रथं साहिब में लिखा है। इस मौके पर विद्यालय के सचिव एमपी सिहं ने कहा कि जिस सोच के साथ मेहताब सिंह व जसपाल सिंह ने पौधा रोपा था वह आज वृक्ष बन गया है और इस वृक्ष को और बड़ा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ईआरपी साफटवेयर लगाया जा रहा है जिसकी प्रतिदिन हर अभिभावक को हर रोज स्वास्थ्य व शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी उनके मोबाइल में मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि बालविद्या मंदिर के नये भवन का कार्य शीघ्र शुरू होगा व इस विद्यालय को पहले हाई स्कूल व इंटर कालेज बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष विद्यालय की 50वां साल गिरह है जिसे धूमधाम से मनाने की तैयारी इस वर्ष से शुरू की जा रही है। विद्यालय की चेयरमैन जसलीन कौर ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अगले वर्ष स्वर्ण जयंती का लोगों लॉन्च किया गया। इस मौके पर  अमृत कौर सब्बरवाल, डा. बलबीर सिंह, बाबा बंता सिंह, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, पूर्व सभासद जसबीर कौर, व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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