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खाद्य सुरक्षा विभाग ने फास्टेक, हाइजीन रेटिंग, क्लीन स्ट्रीट फूड हब व भोग प्रोजेक्ट लांच किया।

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कपिल मलिक

मसूरी : उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग ने उत्तराख्ंाड में पहली बार मसूरी में भोग, फास्टेक सहित पांच कार्यक्रम लांच किये गये। तथा उत्तराखंड दिल्ली व उड़ीसा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया। जिसका शुभारंभ प्रदेश के खाद्यसुरक्षा आयुक्त नितेश झा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मसूरी को फूड सुरक्षा में प्रदेश का पहला शहर बनायेंगे। कार्यशाला में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं  मानक प्राधिकरण दिल्ली से  आये विशेषज्ञों ने फूड सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया व व्यापारियों के सवालों को उत्तर देकर संतुष्ट किया।

कुलड़ी स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित फूड सेफटी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि नितेश झा ने कहा कि मसूरी खाद्य सुरक्षा के मामले में मसूरी में विशेष ध्यान दिया जाता है लेकिन थोड़ा समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड वेंडर के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है। और मसूरी पहला शहर बनायेगें इसमें सभी को सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तीर्थ स्थलों का शहर है इसे देवभूमि कहते है यहाँ प्रसाद बनता है उसकी अपनी अहमियत है, यहां देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं उन्हें इस व्यवस्था में लाया जायेगा ताकि प्रसाद लेने वाले को जरा भी संशय न रहे।

इससे पूर्व कार्यक्रम में व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया। कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से हिना यादव व डा. सुजाता ने बताया कि खाद्य कारोबार में न्यूनतम एक प्रशिक्षित कर्मी का होना अनिवार्य है। इसके लिए एफएएसएसएआई प्रशिक्षण दे रहा है। अभी तक 160 संस्थाओं को प्रशिक्षण पार्टनर बनाया गया है। तथा पूरे देश में लगभग एक लाख 30 हजार फूड सेफटी सुपर वाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कार्यक्रम में हाईजीन रेटिंग पर विशेष ध्यान देने को प्रोत्साहित किया गया व कहा गया कि एफएसएसएआई ने हाईजीन रेटिंग की व्यवस्था होटलों, रेस्टोरेंटों व कैटरिंग आदि के लिए शुरू कर दी है। जिसमें प्रतिष्ठानों की स्वच्छता, खाद्यसुरक्षा मानकों के आधार पर एक से पांच के बीच रेटिंग की जायेगी। जिसका लाभ ग्राहक को मिलेगा व उन्हें सुरक्षित भोजन मिलेगा। इस मौके पर बताया गया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य में विभागीय अधिकारियों के द्वारा किए जाने वाले निरीक्षणों को आनलाइन प्रणाली फारकोरिस लागू कर दी गई है। इस प्रणाली के अंर्तगत खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण रियलटाइम में आनलाइन किया जायेगा। जिससे कार्य में पारदर्शिता आयेगी। कार्यक्रम में भोग प्रोजेक्ट लांच किया गया जिसमें धार्मिक स्थानों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता अपनाने और उसे बनाये रखने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ साथ लोगों को जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करने के लिए ऐसे स्थानों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा का संदेश देने के ेलिए एफएसएसएआई ने पहल की है। वहीं एसएनएफ एट स्कूल कार्यक्रम के तहत राज्य के स्कूलों में बच्चों के भीतर सही एवं सुरक्षित भोजन की आदतों का विकास करना है। वहीं क्लीन स्ट्रीट हब बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जायेगें इसके तहत विभिन्न जनपदों का चिन्हीकरण किया जा रहा है जहां आदर्श स्ट्रीट फूड हब बनाकर विकसित किया जा सके। चुने गये स्थानों पर एफएसएसएआई निर्धारित मानकों के अनुसार प्रशिक्षण लाइसेंसीकरण, स्वच्छता एवं कूडा निस्तारण की आदर्श प्रणाली की स्थापना के साथ ही पानी, शेड जैसी मूलभूत सुविधाए जुटाकर विकसित किया जायेगा। इस मौके पर नोडल अधिकारी आरएस रावत, संजय सूरी, जीसी कंडवाल, संदीप साहनी आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, सचिव संजय गुप्ता, व्यापार संघ के महासचिव जगजीत कुकरेजा, धनप्रकाश अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में होटलियर्स व व्यापारी मौजूद रहे।

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