Home अभी-अभी किराये पर स्कूटी देने वाले लाइब्रेरी चैड़ी करण का उठा रहे हैं...

किराये पर स्कूटी देने वाले लाइब्रेरी चैड़ी करण का उठा रहे हैं लाभ।

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कपिल मलिक

मसूरी : लाइब्रेरी के गांधी चैक का विस्तारीकरण इसलिए किया गया था कि यहां पर मसूरी के अधिकांश उत्सव होते हैं, लेकिन यहां पर स्थान की कमी के कारण व वाहनों के दबाव के कारण जाम लग जाता था। लेकिन इस विस्तारीकरण का लाभ अब अवैध रूप से किराये पर दुपहिया वाहनों के धंधा करने वाले उठा रहे हैं। जिसकी प्रशासन व पालिका को खबर तक नहीं है।

गांधी चैक का विस्तारीकरण का लाभ दुपहिया वाहनों को किराये पर देने वालों का अडडा बन गया है। गांधी चैक के इस चैड़ी करण पर एक नहीं कई किराये की स्कूटियां व बाइक बेखौफ ऐसे खड़ी रहती है मानों उनको यह विस्तारीरकण की जगह एमडीडीए ने किराये पर दी हो। इस संबंध में जब एसडीएम गोपाल राम बिनवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह नहीं है अगर ऐसा है तो निश्चित इन स्कूटी वालों का कार्रवाई की जायेगी। किसी को भी यहां पर अवैध पार्किंग व स्कूटी किराये पर देने के लिए स्थान नहीं दिया गया है यह पूरी तरह अवैध है। वहीं एसआई सूरज कंडारी ने कहा कि यहां पर अक्सर वाहन खडे़ होते रहते हैं लेकिन जैसे ही उन्हें पता चलता है कि यहां पर किराये की स्कूटी खड़ी है वह चालान कर देते हैं ताकि वे यहाँ खडे़ न हों। मालूम हो कि जो लोग स्कूटी किराये पर दे रहे हैं उनको नियम कानूनों की जानकारी नहीं है। इनके लिए बाकायदा नोम्स बने हैं व उसके आधार पर ही यह स्कूटी किराये पर देने का संचालन कर सकते हैं। किसी सार्वजनिक स्थान पर यह स्कूटी खड़ी कर व्यवसाय नहीं कर सकते। स्कूटी या बाईक किराये पर देने वालों के लिए बाकायदा नियम कानून बने हैं पहले कि उनका अपना कार्यालय होगा, उनके पास जितने दुपहिया वाहन होंगे उन्हें खड़ा करने की पार्किंग होनी चाहिए उससे अधिक दुपहिया रखना भी अपराध होगा। जहां पार्किंग होगी वहां शैड बना होना चाहिए आदि अनेक नियम कानून बने हैं लेकिन मसूरी में इसे देखने वाला कोई नहीं है। जहां से इन्हें लाइसेंस मिलता है उसके पहले उन्हें सभी नियम कानूनों की पूर्ति करनी होती है। पर यहां तो मनमर्जी का राज है कोई देखने वाला नहीं है। जिसके चलते यह अवैध धंधा बेलगाम होकर चलाया जा रहा है।

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