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उत्तरकाशी आपदा-ग्लेशियर लेडी का प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र

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जय प्रकाश बहुगुणा

बड़कोट : उत्तरकाशी जनपद के आराकोट बंगाण क्षेत्र में 18 अगस्त को आई दैवीय आपदा से प्रभावित गांवो में प्रशासनिक स्तर से हो रही लापरवाही के विरुद्ध ग्लेशियर लेडी श्रीमती शांती ठाकुर ने आज यहां बड़कोट में प्रेस कांफ्रेंस कर अपने उद्गार ब्यक्त किये।ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक पत्र भी जारी किया।

सेवा में,
श्रीमान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भारत सरकार नई दिल्ली
विषय — अराकोट बंगाण क्षेत्र बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने के संबंध में

महोदय आपको उत्तरकाशी जिले की हिमाचल बॉर्डर से सटे आराकोट बंगाण क्षेत्र की जनता की ओर से मैं मांग करती हूं कि हमारे इस दुख की घड़ी में आपके अलावा इस मुसीबत से दूसरा कोई नहीं उबार सकते ,आज हम इस परिस्थिति में कोई जीवन दाता नहीं हो सकता क्योंकि इस क्षेत्र की जीवन शैली खत्म हो चुकी है आज तक यह क्षेत्र देश के कोनों तक अपने बागवानों से अपने सेबों की फसल को पहुंचाते था ।लेकिन आज हम इस स्थिति में पहुंच चुके हैं कि हमारे जीवन जीने के सारे सहारे खत्म हो चुके हैं ।आप से मांग करते हैं कि इस क्षेत्र की जनमानस को दोबारा से जनजीवन और आय का संसाधन सुचारू करने की मांग करते हैं।

1.बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के पढ़े-लिखे युवकों एवं युवतियों को हर घर से एक व्यक्ति को नौकरी दिलाने का कष्ट करेंगे जिसके लिए आप अपने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को आदेश करेंगे।
2.मान्यवर भारत सरकार की टीम द्वारा आंकलन जो 38 करोड़ आंका गया जबकि नुकसान मान्यवर इससे भी बहुत ऊपर जा चुका है जिसके लिए एडिशनल बजट की भी व्यवस्था की जाए ।
3.आने वाले भविष्य के लिए बड़ी स्टोरेज की व्यवस्था की जाए जिसमें सेब की फसल सुरक्षित रह सके इसी के साथ इन फलों से संबंधित कोई फैक्ट्री डाली जाए जिससे बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सके जैसे जैम, जैली,चटनी, आदि भी तैयार किया जाए ।
4.सरकार के मानक की ओर से जमीन क्षतिग्रस्त के 6000 हेक्टेयर आंकी जाती है जबकी किसान भूमिहीन और भवन हीन हो चुके हैं अगर यह मानक सरकार द्वारा तय किया जाना है तो इससे अच्छा यह होगा कि बाढ़ग्रस्त लोगों को कोटधार से चिवा तक लोगों को विस्थापित किया जाए क्योंकि क्षतिग्रस्त हुई जमीन बिल्कुल समाप्त हो चुकी है जिस को दोबारा से हरा-भरा नहीं किया जा सकता
5. माननीय महोदय नुकसानन इस कदर हुआ है कि दोबारा से किसी तरह कोई भी खेती-बाड़ी नहीं की जा सकती उन उन स्थानों पर तत्कालीन देवदार, बुरास, बाज,मोरू, का रोपण किया जाए जिससे छतिग्रस्त भूमि दोबारा से हरी भरी हो सके साथ ही जमीन फिर से मजबूत हो सके
6.टीकोची में इंटर कॉलेज की जो बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिसमें 300 बच्चे का भविष्य अंधेरे में हो गया है इसलिए अपने प्रदेश सरकार को आदेश करें कि इंटर कॉलेज के शिक्षकों को सभी गांवों में स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था बनाने के लिए भेजा जाए
7. बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में जिन किसानों ने केसीसी कर्ज ले रखा है उसको पूर्णतया माफ किया जाए क्षेत्रवासी आपके सदा आभारी रहेंगे
प्रतिलिपि
मुख्यमंत्री उत्तराखंड
कृषि मंत्री उत्तराखंड
उद्यान मंत्री उत्तराखंड
शिक्षा मंत्री उत्तराखंड

समाज सेविका श्रीमती शांति ठाकुर गलेशियर लेडी उत्तरकाशी

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