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इस बार चुनाव में शहर में पोस्टर नहीं लगे, स्वच्छता अभियान के प्रति जायगरूकता का संकेत।

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कपिल मलिक

मसूरी : इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता के अभियान का प्रभाव देखने को मिला जो वास्तव में आश्चर्य चकित करने वाला है। इससे लगा कि शायद अब जनता सफाई के मायने समझने लगी है। और जा राजनैतिक दल शहर को गंदा करने में सबसे आगे रहते थे इस चुनाव में उन्होंने ना के बराबर पोस्टर चिपकाये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने उन्होंने तभी से स्वच्छता का अभियान चलाया व गांव से लेकर शहरों तक में स्वच्छता का संदेश दिया। इस पर आम लोगों का सोचना था कि यह भारत में यह संभव है। क्यों कि इसमें सबसे बड़ी बाधा यहां के लोगों में नागरिकता का भाव कहीं से भी नजर नहीं आता इसमें सबसे अधिक जिम्मेदार पढ़े लिखे लोग ही होते हैं जो कानून का उलंघन करने में देर नहीं करते व इसे अपना अभिमान समझते हैं। इसमें सबसे अधिक जिम्मेदारी जिनको निभानी चाहिए वहीं सबसे अधिक गंदगी फैलाते हैं। इसमें राजनैतिक दल सबसे आगे रहते थे। जब भी चुनाव होता है या नया साल, दीपावली या अन्य कोई पर्व होता है तो समाज के तथाकथित समाज सेवकों के शुभकामनाओं के संदेश वाले पोस्टरों से शहर पट जाता था। हालांकि शहर की सरकारी संपत्ति पर पोस्टर लगाना गैर कानूनी है वहीं प्राइवेट संपत्ति पर भी बिना भवन स्वामी या संपत्ति स्वामी के कोई भी पोस्टर नहीं लगा सकता था। लेकिन इस लोक संपत्ति विरूपण कानून की हमेशा से धज्जियां उड़ती रही हैं और इसके लिए नगर प्रशासन व पालिका प्रशासन जिम्मेदार हैं क्यों कि कानून का पालन करने के लिए ही ये संस्थाएं बनाई गई हैं लेकिन भाईंबंदी की राजनीति के कारण अधिकारी इस कानून का पालन नहीं करा पाये। और आज भी नहीं करते। विगत नगर पालिका चुनावों में पोस्टरों बैनरों से पूरा शहर पाट दिया गया था लेकिन किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई व चुनाव के बाद पालिका ने स्वयं के खर्चे से सरकारी संपत्तियों से पोस्टर हटा कर दीवारें साफ करवायी। जब कि पालिका प्रशासन व नगर प्रशासन के द्वारा नियम कानूनों का पालन न करने के चलते अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं होता जिस कारण ऐसा अनैतिक कार्य करने वालों के हौंसले बुलंद हो जाते हैं। वर्तमान में हुए लोक सभा चुनाव में इस बार मसूरी को पोस्टरों की गंदगी से लगभग मुक्ति मिल गयी है। शुरू में कांग्रेस के प्रत्याशी के पोस्टर लगाये गये लेकिन भाजपा की ओर से कोई पोस्टर नहीं लगाया गया यहां तकि कि किसी निर्दलीय प्रत्याशी ने भी शहर को गंदा नहीं किया। शायद बाद में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों को अहसास हुआ होगा कि पोस्टर से गंदगी होती है तथा इसका चुनाव में विपरीत असर पड़ सकता है। तो दुबारा पोस्टर नहीं लगाये गये। शहर का हर नागरिक राजनैतिक दलों की इस जागरूकता से प्रसन्न हैं तथा शहर गंदा होने से बच गया। इसकी सराहना भी की जा रही है और आने वाले समय में अन्य लोगों को भी सीखना चाहिए कि यह शहर अपना है इसे स्वच्छ बनाये रखना चाहिए।

 

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