Home अभी-अभी आईटीबीपी में एएससी प्रतियोगिता का शुभारंभ।

आईटीबीपी में एएससी प्रतियोगिता का शुभारंभ।

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कपिल मलिक

मसूरी : भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी मसूरी में तीन द्वितीय  अंतर सीमांत अंतध्र्वस रोधी चेक प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ आईटीबीपी के महानिरीक्षक व निदेशक अकादमी पीएस पापटा ने किया। प्रतियोगिता में बल के छह सीमांत की टीमें प्रतिभाग कर रही है। इस मौके पर निदेशक ने बल के ध्वज के साथ भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली।

आईटीबीपी परेड ग्राउंड में प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए अकादमी के निदेशक पीएस पापटा ने कहा कि आईटीबीपी गत चार पांच वर्षों से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित  एंटी सुबोटेज चैक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर बल का नाम रौशन कर रही है जिसके लिए बल बधाई का पात्र है वहीं इस गौरव को आगे बनाये रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा में तैनात होने के बाद भी बल के जवान व अधिकारी समय निकाल कर ऐसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर बल का नाम रौशन कर रहे हैं। एएससी का कार्य महत्वपूर्ण होता है जो कि राष्ट्रविरोधी तत्वों के द्वारा बारूदी सुंरंग बिछा कर नुकसान पहुंचाने का काम किया जाता है। जिसकी पहचान करने के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। भातिसीपु देश का ऐसा सुरक्षा बल है जिसे सीमा  प्रबंधन के अलावा जम्मूकश्मीर, छत्तीसगढ़ तथा झारखंड जैसे आंतकवांद ग्रस्त राज्यों में आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसी स्थिति में बल के अधिकारियों एवं जवानों को विभिन्न प्रकार क विस्फोटकों की पहचान, प्रयोग तथा विभिन्न क्रियातंत्रों के बारे में उच्च स्तर का प्रशिक्षण एवं सघन अभ्यास देने के प्रयोजन से भातिसीपु यह प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। बल के अधिकारियों एवं जवानों ने अपने इस कौशल के बल पर कई बार आतंकवादियों द्वारा बिछाई गई माइनों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करके कई जिंदगियों को बचाया है। इससे पूर्व सेनानी प्रशिक्षण वेणुधर नायक ने मुख्यअतिथि व सभी सीमांतो से आये प्रतिभागियों का स्वागत किया व कहा कि तीन दिन चलने वाली प्रतियोगिता में बल के छह सीमांतों के 72 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। जिसमें बारूद की पहचान, प्रयोग, कियातंत्र, तथा विष्फोटकों के जरिए बर्बाद किए जा सकने वाले तारगेटों की पहचान तथा घटना से पहले किए जा सकने वाले बचावों तथा घटना के बाद होने वाले नुकसान को कम करने संबंधी विभिन्न तकनीकों का अभ्यास व प्रदर्शन किया जायेगा। प्रतियोगिता के पहले चरण में वाहन मे रखी संदिग्ध वस्तु का पता लगाने की प्रतियोगिता की गई। इस मौके पर ब्रिगेडियर व डीआईजी डा. रामनिवास, सेनानी प्रशासन परमिंदर सिंह, सीएमओ डा. रोहित नौटियाल, सहित बल के अधिकारी व जवान मौजूद रहे। प्रतियोगिता में उत्तरी सीमांत, पूर्व सीमांत, उत्तर पश्चिम सीमांत, उत्तर पूर्व सीमांत, सेंट्रल सीमांत, तथा प्रशिक्षण परिक्षेत्र की टीमें भाग ले रही हैं।

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