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घोटाला : पालिका ने जिसे लीज पर संपत्ति दी, उसी ने मालिक बनकर पालिका को संपत्ति लीज पर दे दी।

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कपिल मलिक

मसूरी : नगर पालिका परिषद ने जिन्हें लीज पर संपत्ति दी उन्होंने ही पालिका को मालिक बनकर लीज पर संपत्ति दे दी। मामला प्रकाश में आने पर पालिका की आपात कालीन बैठक बुलाई व पालिका अधिवक्ता को निष्कासित करने की घोषणा की वहीं आयुक्त गढवाल व डीएम सहित एसआईटी जांच कराने का प्रस्ताव पास किया गया।

पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका की मालरोड झूलाघर के समीप आईस स्केटिंग की संपत्ति थी जिसे पालिका को आईस स्केटिंग के लिए 1971 में संपत्ति स्वामिनी बेगम जाहिदा खान ने दान में दी थी जिसका निर्माण पालिका ने कराया था। जिसके बंद होने पर डिस्को रिंक के लिए पालिका ने 42 सौ प्रतिवर्ष पर लीज पर दे दी गई। लेकिन बाद में बेगम के भतीने मुरतजा खान ने बिना पालिका के संज्ञान में लाये यह संपत्ति बेच दी व इसकी रजिस्ट्री डिस्को इंटरप्राइसेज के नाम कर दी। व उन्होंने पालिका को उल्टी यह संपत्ति 2005 में 11 हजार प्रतिमाह लीज पर दस साल के लिए दे दी। जिसमें पालिका को संज्ञान में नही लिया गया और लीज का पैसा जमा न करने पर पालिका के खिलाफ जिला न्यायालय में वाद दायर कर दिया व पालिका के डिफाल्टर होने पर केस डिस्को इंटरप्राइसेज के पक्ष में आ गया। पालिका को इसका संज्ञान तब लगा जब अमीन पालिका में संपत्ति हस्तातंरित करने के लिए आया। उन्होंने कहा कि पालिका में 7 मार्च 2018 को नोटिस आया था लेकिन वह पालिका में रिसीव तो है लेकिन डिस्पैच में नहीं चढाया गया जिससे लगता है कि इसमें पालिका के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हंै। वहीं इस संपत्ति के खुर्दबुर्द होने की जानकारी अधिवक्ता राजेंद्र पंवार ने पालिका के संज्ञान में नहीं लाये न न्यायालय में इस मामले में प्रस्तुत किया। जिस पर पालिकाध्यक्ष ने पालिका अधिवक्ता राजेंद्र पंवार को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने के निर्देश दिए हैं वही जिस कर्मचारी या अधिकारी ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया उनके खिलाफ आंतरिक जांच करवाकर रिपोर्ट देने के निर्देश अधिशासी अधिकारी को दिए हैं। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि यह 10 करोड़ की संपत्ति है जिसको बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जायेंगे व सर्वोच्च न्यायालय भी जाना पड़ा तो वहां भी जायेंगे। बोर्ड की आपात कालीन बैठक में सभासद नंदलाल, आरती अग्रवाल, प्रताप पंवार, दर्शन रावत ने इसे गंभीरता से लेने की बात कही वहीं यह भी कहा कि इसके अतिरिक्त पालिका की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जाय। सभासद गीता कुमाई ने कहा कि पालिका की मसूरी में सभी संपत्तियों की जानकारी देने के लिए संबधित विभाग को सदन में देने को कहा था लेकिन आठ माह होने के बाद भी पालिका संपत्ति की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारी ने नहीं दी। जो गंभीर मामला है, इस पर पालिकाध्यक्ष ने संपत्ति निरीक्षक आदित्य शाह से जब जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि वह इस कार्य में लगे हैं शीघ्र पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। पालिकाध्यक्ष ने आयुक्त गढवाल, जिलाधिकारी से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है वहीं एसआईटी से भी जांच करवायी जायेगी। इस मौके पर पालिका सभासद सुरेश थपलियाल, सरिता, मनीषा खरोला, प्रताप पंवार, आरती अग्रवाल, जसोदा शर्मा, दर्शन रावत, गीता कुमाई, कुलदीप रौंछेला, जसबीर कौर, सरिता पंवार, नंद लाल, अधिशासी अधिकारी एमएल शाह, नगर अभियंता रमेश बिष्ट आदि अधिकारी मौजूद रहे।

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