Home अभी-अभी बुरांस का फूल इन गुणों से भी भरपूर है

बुरांस का फूल इन गुणों से भी भरपूर है

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कपिल मलिक

मसूरी : इन दिनों पहाड़ों की रानी मसूरी के चारों ओर खूबसूरत सुर्ख लाल रंग के बुरांस के फूल खिले हैं जो यहाँ आने वाले पर्यटकों का स्वागत कर रहे हैं वहीं हर किसी को आकर्षित कर रहे हैं। प्रकृति ने मसूरी को वो सबकुछ दिया जो किसी भी स्थान के सौंदर्य को चार चांद लगा सके। यही कारण है कि मसूरी विश्व के सबसे खूबसूरत प्र्यटक स्थलों में से एक है। वहीं इसके श्रृंगार में भी प्रकृति ने कोई कमी नहीं रखी। बुरांस के फूल इसके श्रृगांर का सबसे आकर्षक फूल है जो हर किसी को अपने आकर्षण का दीवाना बना देता है।

इन दिनों मसूरी आने वाले पर्यटकों को मसूरी की पहाड़ियां रंग बिरंगे फूलों से लकदक नजर आ रही है। चारों ओर सुर्ख लाल रंग के बुरांस के फूल मसूरी की सुदंरता को दुगना कर रहे हैं। ये बुरांस के फूल जंगली होते हैं जो पेड़ों पर लगते हैं बंसत के मौसम में जंहा पौधों पर नई कोंपले आ रही है फूल लग रहे है उनमें बुरांस के फूल की बात ही अलग है। बुरांस के फूल मसूरी व उसके आसपास के क्षेत्रों में फरवरी से लेकर अप्रैल तक दिखाई देते हैं ऐसा लगता है मानों लाल रंग के वन आच्छादित हैं। जो लाल रंग के समुद्र सा लगता है।  लंढौर खटटा पानी, लाल टिब्बा, हाथी पांव, कंपनीबाग, कैम्पटी, धनोल्टी, सहित आस पास की पहाड़ियों पर बुरांस के फूल खिले होने के कारण नजारा बहुत ही खूबसूरत लग रहा है। इस फूल का आकर्षण इतना है कि लोग इसके फूल को अपने वाहनों, रिक्शाओं व यहां तक कि महिलाएं अपने बालों में लगाती है। आने जाने वाले पर्यटक बुरांस के फूल देख रूक जाते हैं और अपनी फोटो खिचांने के साथ ही वीडियोंग्राफी भी करते हैं। बुरांस का फूल जहां अपने सुर्ख लाल रंग से आम आदमी को अपनी ओर आकर्षित करता है वहीं यह कम ही लोगों को मालूम है कि इसका फूल औषधीय गुणों से भी भरपूर है। बुरांस के फूल का जूस, जाम व चटनी बनाई जाती है जिसका लगातार मार्केट बढ़ रहा है तथा यह मौसम के बाद उपलब्ध नहीं हो पाती है। बुरांस के फूल को ग्रामीण सब्जी बनाकर भी खाते हैं वहीं कच्चे फूल में नमक लगा कर भी खाते हैं। बुरांस के फूल से बने पेय व खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। बुरांस का जूस जहां तपती गर्मी में राहत दिलाता है वहीं यह उच्चरक्तचाप को कम करने, डायबिटीज को कम करने, खून की कमी को पूरा करने का कार्य करता है। वहीं यह अन्य कई रोगियों को भी लाभ पहुंचाता है। वहीं अब बुरांस का फूल पहाड़ की आर्थिकी में भी सहयोग कर रहा है तथा बुरांस के उत्पादों की मांग साल दर साल बढ़ रही। मसूरी केम्पटी मार्ग हो या धनोल्टी मार्ग पर गांव के  बच्चे हाथों में बुरासं के फूलो का गुलदस्ता बना कर पर्यटकों व आने जाने वालों को बेचते नजर आ जायेगे। पर्यटक भी बच्चों के फूल खरीदता है और  अपने वाहनों पर लगाता है। इससे बच्चे अपने स्कूल का खर्च उठाने के साथ ही अपने कपड़े आदि का खर्चा भी उठा लेते है। वहीं जब से बुरांस के उत्पादों की मांग बढ़ी है तब से ग्रामीणों को घर बैठे रोजगार मिल जाता है उत्पाद बनाने वाली कंपनियां या स्वयं सेवी संस्थाए ग्रामीणों के द्वारा जंगल से एकत्र कर लाये गये बुरांस के फूल खरीदती है जिससे अच्छी खासी कमाई हो जाती है। अब तो बुरांस के फूलों के उत्पाद बनाने वाले पूरे उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे हैं। तथा शहर की हर दुकान पर अब बुरांस का जूस व जाम आदि मिलने लगा है। बुरांस का फूल हमारी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत में भी अपना विशेष स्थान रखता है तथा  बुरांस पर कई खुदेड़ गीत लिखे गये हैं। बुरांस की उत्तराखं डमें कई प्रजातियां है कहीं यह गुलाबी रंग का होता है कहीं यह सफेद रंग का भी होता है इसके अलावा अन्य रंगों में भी पाया जाता है। बुरांस उत्तराखंड की आर्थिकी का साधन बन चुका है तथा सरकार भी लगातार इस ओर ध्यान दे रही है। बुरांस का फूल जहां पहाड़ों की रौनक बढ़ाता है वहीं आज इसके प्रति वनविभाग की लापरवाहीं के कारण इनके पेड़ों को नुकसान पहुचाया जा रहा है। बुरांस के फूल खिलने का समय मुख्यतः फरवरी अंत से मार्च अंत के बीच होता है लेकिन मौसम के हो रहे परिवर्तन का असर इस पर भी पड़ा और अब बुरांस बेमौसम में भी खिलने लगा है। जांडों के दिनों में अच्छी बारिश व बर्फबारी के चलते यह फूल बहुत अच्छा खिलता है जब शीत काल में कम बारिश हो तो इस पर असर पड़ता है तथा फूल कमजोर होता है। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण समय समय पर बुरांस दिसंबर में भी खिलने लगा है लेकिन इस साल शीतकाल में अच्छी बर्फबारी के चलते बुरांस का फूल अपने सही समय पर खिला है। इन दिनों मसूरी के चारों तरफ के जंगलों में बुरांस के फूल खिलने से बनों में रौनक आ रखी है।

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